
देश में पहली बार प्रवर्तन निदेशालय - ईडी (Directorate of Enforcement - ED) ने निवेश धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) मामले में जब्त एक विमान की नीलामी की। मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन (एमएसटीसी) के ज़रिए हॉकर-800ए विमान को 3 करोड़ रुपए में नीलाम किया गया। ईडी का कहना है कि नीलामी से मिली राशि का इस्तेमाल पीड़ित निवेशकों को राहत देने के लिए किया जाएगा।
ईडी ने अमरदीप कुमार और उनकी कंपनी, कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (फाल्कन ग्रुप) पर छापेमारी के दौरान यह विमान 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जब्त किया गया था। ईडी ने माना था कि यह विमान घोखाधड़ी से अर्जित धन से खरीदा गया था। नीलाम किए हॉकर 800ए नए विमान की बाजार में कीमत 9 से 25 करोड़ तक मानी जाती है।
ईडी ने यह मामला हैदराबाद के फाल्कन ग्रुप के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर शुरू किया था। आरोप है कि फाल्कन ग्रुप और उसके संचालकों ने निवेशकों को फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की जबकि ऐसा कोई कारोबार संचालित नहीं था। ईडी के अनुसार करीब 792 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है।
ईडी ने बताया कि कानून के अनुसार पीड़ित निवेशकों को उनकी धनराशि वापस दिलाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। विमान की नीलामी से मिली राशि भी पीड़ित निवेशकों को लौटाई जाएगी।
विमान जब्त करने के बाद ईडी की अर्जी पर पीएमएलए के न्यायनिर्णय प्राधिकरण ने अगस्त 2025 में जब्ती को वैध ठहराते हुए इसकी पुष्टि की। इस पर ईडी ने नियमों के तहत विमान की बिक्री की अनुमति मांगी। लंबी कानूनी प्रकिया के बाद प्राधिकरण ने 20 नवंबर 2025 को ईडी की अर्जी स्वीकार करते हुए हैदराबाद ज़ोनल कार्यालय को विमान की नीलामी की अनुमति दे दी। विमान की नीलामी के लिए ग्रीन सिग्नल मिलने पर ईडी ने सरकारी नीलामी प्लेटफॉर्म एमएसटीसी के ज़रिए विमान को नीलाम किया गया।