Bengal ELection 2026: ED ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा के आवास पर भी छापा मारा।
ED Team in Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले रविवार को सुबह-सुबह कोलकाता में की जगहों पर छापेमारी की। ED ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा के आवास पर भी छापा मारा। इसके अलावा बेहाला स्थित सन एंटरप्राइज के एमडी जॉय कामदार के आवास पर छापेमारी की है।
दरअसल, टीम सुबह करीब 7 बजे बालीगंज के फर्न रोड स्थित शांतनु सिन्हा के आवास पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक यह छापेमारी दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में कथित ‘सोना पप्पू सिंडिकेट’ केस से जुड़ी है। बिस्वास पहले कालीघाट थाने के प्रभारी रह चुके हैं, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
ED ने इसी मामले में बेहाला इलाके में एक कारोबारी जॉय कामदार के घर पर भी छापा मारा। स्थानीय लोगों के अनुसार, कमदार रियल एस्टेट प्रमोशन के कारोबार से जुड़े हैं। उनके घर की पहले भी तलाशी ली जा चुकी है और उनका नाम सोना पप्पू के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान सामने आया था।
सूत्रों के मुताबिक, बेहाला स्थित घर से नकदी भी बरामद की गई है। ED ने कमदार को पहले दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसके बाद एजेंसी ने रविवार को दोबारा उनके घर पर कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, ED की टीम जब बेहाला स्थित घर पहुंची तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला गया। कई बार दस्तक देने के बाद ही टीम को अंदर प्रवेश मिला।
इस मामले का मुख्य आरोपी सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार अब तक गिरफ्त से बाहर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह सार्वजनिक रूप से नजर आने और सोशल मीडिया पर लाइव आने के बावजूद पुलिस की पकड़ से दूर है।
इससे पहले ED ने इसी मामले में एक IPS अधिकारी से पूछताछ की थी। वहीं, हाल के दिनों में अवैध निर्माण और सिंडिकेट से जुड़े मामलों में शहर के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
इसके अलावा, शिक्षक भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर भी ED छापा मार चुकी है, जबकि आयकर विभाग ने हाल ही में टीएमसी नेता देबाशीष कुमार के आवास पर भी कार्रवाई की थी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव से ठीक पहले ED और अन्य एजेंसियों की सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।