
Narco Terror Funding: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने बॉर्डर पार से जारी नार्को-टेरर फंडिंग और ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। ED के जम्मू सब-जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत पंजाब और जम्मू-कश्मीर में नौ जगहों पर एक साथ छापेमारी की, इनमें लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास स्थित कुपवाड़ा जैसे संवेदनशील इलाके भी शामिल थे। इस ऑपरेशन के दौरान एजेंसी ने कई डिजिटल सबूत, संदिग्ध फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए। साथ ही नेटवर्क से जुड़े अलग-अलग अकाउंट्स में मौजूद करीब 50 लाख रुपये फ्रिज कर दिए।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED की जांच में कई स्तरों वाले नार्को-टेरर सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। जांच से पता चला कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन 'हिज़्बुल मुजाहिदीन' के हैंडलर्स सीमा पार से हेरोइन की तस्करी में सीधे तौर पर शामिल थे।
इस नेटवर्क के मुख्य लोगों में कश्मीर के ऑपरेटिव्स सफ़ीर अहमद और कफ़ील अहमद शामिल हैं, जो कुपवाड़ा में अमरोही बॉर्डर/LoC के जरिए पाकिस्तान से भेजी गई हेरोइन की खेप लेते थे। इसके अलावा पंजाब के हैंडलर सतनाम सिंह और उनके बेटे मंजीत सिंह और कूरियर/ट्रांसपोर्टर सरबजीत सिंह और हनी बसरा भी इसमें शामिल हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, सिंडीकेट ने एक मामले में अमरोही सेक्टर के रास्ते पाकिस्तान से हेरोइन के 35 पैकेट भेजे। स्थानीय स्तर पर बांटने के लिए 5 पैकेट अलग रखने के बाद बाकी 30 पैकेट एक ट्रक के टायर के अंदर बने गुप्त खाने में छिपाकर श्रीनगर पहुंचाए गए।
श्रीनगर में, यह खेप पंजाब के कूरियर सरबजीत सिंह और हनी बसरा को सौंपी गई। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बनिहाल के पास उन्हें रोका और 31 किलोग्राम हेरोइन (30 पैकेट) के साथ गिरफ्तार कर लिया। पंजाब के इस नेटवर्क ने ड्रग्स की खेप को पंजाब और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने के लिए जाली दस्तावेजों, नकली वाहन रजिस्ट्रेशन नंबरों और कई वाहनों का इस्तेमाल किया।
ED की अब तक की जांच से पता चला है कि सतनाम सिंह और मंजीत सिंह के नेतृत्व वाले इस नेटवर्क ने स्थानीय साथियों की मदद से कश्मीर से पंजाब तक 60 किलोग्राम से ज़्यादा हेरोइन पहुंचाई और उसे खुले बाजार में बेचा।
हेरोइन की बिक्री से हुई कमाई का एक बड़ा हिस्सा हवाला और नकद लेनदेन के जरिए वापस जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा था ताकि आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंड जुटाया जा सके। जांच में मंजीत सिंह और सरबजीत सिंह के बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा होने का पता चला है।