
सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की (Photo-IANS)
Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी। वांगचुक ने मोदी सरकार द्वारा आश्वासन मिलने के बाद 26वें दिन अपना अनशन समाप्त किया है। उनके इस फैसले का सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने स्वागत किया, हालांकि विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि छात्रों का आंदोलन अब किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है।
बता दें कि सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में जूस पीकर अनशन समाप्त किया। सरकार की ओर से छात्रों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने कहा कि यह आंदोलन अब लाखों युवाओं की भावनाओं से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि जब कोई आंदोलन इस मुकाम पर पहुंच जाता है, तो वह किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं रहता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाखों लोगों की भावनाओं की अनदेखी नहीं कर सकते।
वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि वांगचुक का अनशन खत्म होना मुख्य मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की एक ही मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री उन्हें पद से हटाएं। उनके मुताबिक, यह मांग पूरे देश की है।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी आमरण अनशन के पक्ष में नहीं रही। उन्होंने समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए कहा कि लोहिया लंबे आमरण अनशन के बजाय सांकेतिक और क्रमिक भूख हड़ताल के पक्षधर थे।
वहीं, सत्तारूढ़ NDA नेताओं ने भी वांगचुक के फैसले का स्वागत किया। पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने कहा कि सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें भरोसा है कि जल्द ही इसका सकारात्मक हल निकलेगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती पेपर लीक जैसी समस्या को जड़ से खत्म करना है और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सोनम वांगचुक एक शिक्षित और समझदार व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की जायज मांगों को सुना जाता है और केंद्र सरकार ने भी उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान दिया है।
Updated on:
24 Jul 2026 05:27 pm
Published on:
24 Jul 2026 05:27 pm
