
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Photo-IANS)
Jairam Ramesh on NEET Paper Leak: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शुक्रवार को मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मामलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए है। उन्होंने नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया। एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा- पिछले 24 घंटों में हुई दो घटनाओं ने एनडीए सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि नरेश पाल गंगवार के परिवार के सदस्यों ने उस समय कृषि मंत्रालय से भारी सब्सिडी ली थी, जब वह पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग में शीर्ष अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे।
कांग्रेस सांसद ने सीबीआई द्वारा NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को क्लीन चिट दिए जाने पर भी सवाल उठाए। दरअसल, नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी थी। सीबीआई ने कहा था कि जांच के दौरान संजीव मुखिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को पहले पेपर लीक का किंगपिन बताया गया था, अब उसी को क्लीन चिट दी जा रही है। इस दौरान कांग्रेस सांसद ने इस बात का भी जिक्र किया कि संजीव मुखिया की पत्नी बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं, जो कि एनडीए की सहयोगी पार्टी है।
गौरतलब है कि गुरुवार देर रात केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया। वहीं, मौजूदा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज विभाग का सचिव बनाया गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब NEET-UG विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज है।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को भी सिर्फ सुर्खियां बटोरने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट मौजूदा कानूनों के तहत भी बनाए जा सकते हैं और इसके लिए नए कानून की जरूरत नहीं है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा हाल ही में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए जाने का हवाला भी दिया।
रमेश ने कहा कि केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना देने से न्याय नहीं मिलेगा, जब तक जांच समयबद्ध, निष्पक्ष और राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ पूरी न हो।
Updated on:
24 Jul 2026 05:55 pm
Published on:
24 Jul 2026 05:55 pm
