Chirag Tomar crypto fraud seizure: ईडी ने भारतवंशी चिराग तोमर से जुड़ी ₹42.8 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। वह अमेरिका में $20 मिलियन की क्रिप्टो धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया था।
Chirag Tomar crypto fraud seizure: ईडी ने क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी के मामले में अमेरिका में दोषी ठहराए गए भारतीय चिराग तोमर (Chirag Tomar crypto fraud seizure) और उसके परिवार से जुड़ी 42.8 करोड़ की संपत्ति जब्त (India asset seizure crypto) की है। ईडी ने दिल्ली, जयपुर और मुंबई में छापे मार कर स्थानीय क्रिप्टो एक्सचेंज और प्लेटफॉर्म से संबंधित संदिग्ध लेनदेन का आकलन किया। तोमर (Tomar fake Coinbase scam) को फर्जी या नकली वेबसाइटों के इस्तेमाल के जरिए 20 मिलियन डॉलर यानि तकरीबन 166 करोड़ से अधिक रुपयों की चोरी करने के आरोप में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था,जिसके लिए उसे 60 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। ईडी की जाँच ($20 million cryptocurrency scam) तब शुरू हुई, जब एक समाचार से पता चला कि चिराग ने नकली एसईओ तकनीक से तैयार कॉइन बेस (Coinbase) जैसी वेबसाइटों के जरिये भारी संख्या में यूजर्स को धोखा दिया।
नकली वेबसाइट बिल्कुल असली जैसी दिखती, केवल संपर्क जानकारी अलग होती थी। जब यूज़र्स लॉगिन करते, वेबसाइट फर्जी जानकारी दिखाती और कॉल नंबर पर सहायता के लिए कहती, जिससे उन्हें चिराग की ओर से संचालित कॉल सेंटर से जोड़ा जाता था। उसके बाद यूजर्स की क्रिप्टोकरेंसी चिराग के नियंत्रित वॉलेट में ट्रांसफर कर दी जाती थी, जिसे स्थानीय प्लेटफॉर्म पर बेच कर INR में बदला जाता था।
ईडी ने पाया कि करीब 15 करोड़ की राशि चिराग और परिवार के खाते में जमा हुई थी। साथ ही खोज-कार्यवाही में 2.18 करोड़ बैंक जमा राशि सहित कई खाते फ्रीज़ किए गए हैं।