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मानसून की विदाई से पहले अल नीनो दिखाएगा असली रंग, IMD ने दी बड़ी जानकारी

1950 के बाद अब तक का सबसे ताकतवर अल नीनो आ रहा है, NOAA की चेतावनी के बीच जानें भारत के मानसून पर इसका कितना और कब पड़ेगा असर।
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Aug 14, 2026
el nino
देश में 1950 के बाद 16 बार बने अल नीनो के हालात। 7 बार सामान्य से कमजोर रहा मानसून। (AI जनरेटेड इमेज)

अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA ने अल नीनो को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके बाद से दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों की नींद उड़ गई है। NOAA ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अल नीनो इतना ताकतवर हो सकता है कि यह 1950 के बाद अब तक दर्ज किए गए सभी अल नीनो को पीछे छोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी संभावना 70 फीसदी है, जिसे महज अटकलें कहकर खारिज नहीं किया जा सकता है।

NOAA ने अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया है कि इस

NOAA की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों में 'मजबूत' अल नीनो आने की संभावना 90 प्रतिशत तक है। एजेंसी ने साफ कहा है कि अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच एक ऐतिहासिक घटना घटित होने की 69 प्रतिशत संभावना है, जो 1950 के बाद अब तक के सभी अल नीनो से ज्यादा ताकतवर होगी। जुलाई में ही यह अल नीनो और मजबूत हो चुका है, और आने वाले महीनों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है।

भारत के लिए क्यों है राहत की बात

हालांकि, भारत के लिए राहत की बात यह है कि 8 दशक बाद का सबसे बड़ा अल नीनो देश में तब एंट्री लेगा, जब देश का साउथवेस्ट मानसून लगभग खत्म हो चुका होगा। भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक इस मानसून पर अल नीनो का कोई असर नहीं पड़ा है।

क्या होता है अल नीनो

अल नीनो असल में समुद्र और मौसम से जुड़े एक प्राकृतिक चक्र, ENSO का गर्म चरण है। यह प्रशांत महासागर के तापमान और वातावरण में बदलाव की वजह से बनता है और दुनियाभर के मौसम पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। इसका असर आमतौर पर सूखा, भीषण गर्मी और कम बारिश के रूप में सामने आता है।

इस बार मानसून में औसत से कम बारिश

गौर करने वाली बात यह है कि इस साल का मानसून पहले से ही औसत से कम बारिश दर्ज कर चुका है। 1 जून से 13 अगस्त के बीच भारत में 491.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। जून में तो यह कमी 35.4 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, हालांकि जुलाई की बारिश लगभग सामान्य रही। IMD ने अगस्त और बाकी बचे मानसून सीजन के लिए भी कम बारिश का अनुमान जताया है।

Updated on:
14 Aug 2026 01:14 pm
Published on:
14 Aug 2026 01:14 pm