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NEET पेपर लीक में नए चेहरों पर कसेगा शिकंजा? CBI को कोर्ट से मिली आगे की जांच की मंजूरी

NEET Paper Leak case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में आगे की जांच करने की मंज़ूरी दे दी है। CBI पहले ही 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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NEET Paper Leak

एआई तस्वीर

NEET UG 2026 paper leak:NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच का दायरा और बढ़ने वाला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की स्पेशल राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति दे दी है। सीबीआई पहले ही इस मामले में 13 मुख्य आरोपियों के खिलाफ करीब 20,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिस पर अदालत में आरोप तय करने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। CBI ने अदालत को बताया कि 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है।

CFSL रिपोर्ट में मिले अहम सुराग, नए संदिग्धों पर नजर

सुनवाई के दौरान, CBI ने तर्क दिया कि सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) की रिपोर्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं। इन सबूतों के आधार पर सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों और नेनेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना बेहद जरूरी है। कोर्ट की मंज़ूरी के साथ, एजेंसी अब उन नए संदिग्धों और बिचौलियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है जिन्होंने पेपर लीक को अंजाम देने में पर्दे के पीछे से भूमिका निभाई थी। जरूरत पड़ने पर CBI आने वाले दिनों में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है।

आरोपियों ने बनाया था संगठित सिंडिकेट

इससे पहले, बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज अजय गुप्ता ने CBI की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने पाया कि CBI की विस्तृत जांच के दौरान इकट्ठा किए गए ठोस और दोषी ठहराने वाले सबूत प्रथम दृष्टया में यह साबित करते हैं कि सभी 13 आरोपी किसी न किसी तरह उस सिंडिकेट का हिस्सा थे जो NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक करने के लिए जिम्मेदार था। कोर्ट ने यह भी कहा कि गैर-कानूनी तरीके से पैसे कमाने के मकसद से सभी आरोपियों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न पत्र हासिल करने, उन्हें फैलाने और बांटने में बहुत सक्रिय भूमिका निभाई।

आरोप तय करने पर सुनवाई जारी

CBI की ओर से दायर चार्जशीट में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और सबूत मिटाने से जुड़ी धाराओं का ज़िक्र किया गया है। इसके अलावा, 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' और 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, स्पेशल कोर्ट इन 13 मुख्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने को लेकर दलीलें सुन रहा है।

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