
नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी निर्वाचन आयुक्तों के नेतृत्व में आयोग के वरिष्ठ अधिकारी इस सप्ताह से चुनाव वाले पांच राज्यों का दौरा शुरू करेंगे। इन दौरों के दौरान जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की टीमें इस सप्ताह गोवा का दौरा करेंगी। इसके बाद अगले सप्ताह उत्तराखंड में तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। आने वाले सप्ताहों में आयोग के अधिकारी पंजाब और फिर मणिपुर का दौरा करेंगे। उत्तर प्रदेश में आयोग के अधिकारियों का दौरा कब होगा, इसे लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
आमतौर पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मिलाकर बना पूरा निर्वाचन आयोग चुनाव वाले राज्यों का दौरा करता है। इस दौरान चुनावी तैयारियों की स्थिति की समीक्षा की जाती है।
उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल अगले वर्ष 22 मई को समाप्त होगा। वहीं, 60 सदस्यीय मणिपुर, 40 सदस्यीय गोवा, 117 सदस्यीय पंजाब और 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों को समाप्त होगा।
चुनाव की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश और गोवा में मतदान में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों और कागजी मतपर्ची वाली इकाइयों की पहली स्तर की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के दौरान मशीनों में किसी तरह की तकनीकी खराबी की जांच की जाती है। यह काम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के इंजीनियरों द्वारा किया जाता है। दोनों कंपनियां इन मशीनों का बनाती हैं। खराब मशीनों को मरम्मत या बदलने के लिए संबंधित कंपनियों को वापस भेजा जाता है।
जांच के दौरान दोनों मशीनों की जांच के लिए एक मॉक मतदान भी कराया जाता है। इसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। पहली स्तर की जांच चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्वाचन आयोग इसके लिए एक कार्यक्रम जारी करता है और राज्यों को उसी के अनुसार जांच पूरी करनी होती है। इस प्रक्रिया के दौरान पिछली चुनाव प्रक्रिया से संबंधित नियंत्रण इकाई और मतपत्र इकाई में बचा कोई भी आंकड़ा पूरी तरह हटा दिया जाता है।