
Arvind Kejriwal on Gyanesh Kumar: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजकअरविंद केजरीवालने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने मांग की किज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने पिछले कुछ सालों में हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की भी मांग की।
अरविंद केजरीवाल ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट पर जवाब दिया है जिसमें कहा गया है कि दो इलेक्शन कमिश्नरों ने SIR प्रोसेस में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा ''आज, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए, हम मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और उन पर केस चलाया जाए। पिछले कुछ सालों में हुए सभी चुनाव—दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, और हाल ही में छत्तीसगढ़ में हुए चुनाव—कैंसल करके नए सिरे से कराए जाने चाहिए।"
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग 3 सदस्यों वाली संस्था है, जिसमें 1 मुख्य चुनाव आयुक्त और 2 चुनाव आयुक्त होते हैं। उनके मुताबिक तीनों की भूमिका बराबर है और फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाते हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद ज्ञानेश कुमार अकेले ही आयोग को चला रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल में हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की मांग भी रखी। केजरीवाल ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई एक व्यक्ति आयोग को अपने स्तर पर नहीं चला सकता। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में सामने आया है कि आयोग के भीतर लिए जा रहे कुछ फैसलों को लेकर दूसरे चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी।
केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं है। इसमें 3 सदस्य होते हैं और तीनों आयोग की बैठकों में हिस्सा लेते हैं। उनके मुताबिक फैसले या तो सर्वसम्मति से लिए जाते हैं या फिर बहुमत के आधार पर। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पास आयोग के दूसरे सदस्यों की तुलना में ऐसा कोई अतिरिक्त अधिकार नहीं है, जिससे वह अकेले फैसले ले सकें। केजरीवाल ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी किए जाने का मुद्दा उठाया था।
केजरीवाल ने दावा किया कि एक पत्र में चुनाव आयुक्त संधू ने यह भी कहा था कि उन्हें आयोग के फैसलों की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिल रही थी। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़ा गंभीर सवाल बताया। केजरीवाल ने मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि SIR के तहत 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और पूरी प्रक्रिया को उन्होंने गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि SIR को आयोग की बहुमत से मंजूरी नहीं मिली थी और इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार Electoral Registration Officers (ERO) से लिया जा रहा है।