TMC Campaign Warning: आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को कड़ी चेतावनी जारी की है। चुनाव निकाय ने कहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भय, हिंसा, धमकी और प्रलोभन से मुक्त होने चाहिए।
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। चुनाव से पहले भारतीय निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चेतावनी जारी की है। चुनाव निकाय ने कह दिया है कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भय, हिंसा, धमकी और प्रलोभन से मुक्त होने चाहिए। आयोग ने बूथ कैप्चरिंग, बूथ जैमिंग और सोर्स जैमिंग सहित अवैध प्रथाओं के खिलाफ भी चेतावनी दी, जिसका तात्पर्य मतदाता लामबंदी या पहुंच में व्यवधान उत्पन्न करना है।
चुनाव आयोग ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'ईसीआई ने तृणमूल कांग्रेस को साफ-साफ कह दिया है। इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव निश्चित रूप से भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त, प्रलोभनमुक्त और बिना किसी छापेमारी, बूथ जामिंग या स्रोत जामिंग के होंगे।
पश्चिम बंगाल में चुनाव संबंधी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। बीते 20 सालों में चुनाव प्रचार और मतदान के दौरान सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव विशेष रूप से हिंसक रहे, जिनमें हिंसा की 1,300 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई। इन घटनाओं में 25 मौतें और छेड़छाड़ के 7,000 मामले दर्ज किए गए। यह कॉल ऑफ जस्टिस की एक तथ्य-जांच समिति की रिपोर्ट में बताया गया है। रिपोर्ट में पाया गया कि टीएमसी के शासनकाल में हिंसा का पैमाना अक्सर वाम मोर्चा के शासनकाल के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देता है।
बुधवार को इससे पहले टीएमसी प्रतिनिधिमंडल और चुनाव आयोग के बीच हुई बैठक तीखी बहस में तब्दील हो गई। टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सात मिनट बाद ही उन्हें चले जाओ कह दिया, जबकि चुनाव आयोग ने ओ'ब्रायन पर चिल्लाने और मुख्य चुनाव आयुक्त को बोलने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया। टीएमसी ने ममता बनर्जी के पत्र सौंपे और भाजपा से कथित तौर पर जुड़े चुनाव अधिकारियों के बारे में चिंता व्यक्त की।
मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच तनाव बढ़ गया है। टीएमसी का आरोप है कि चुनाव आयोग विपक्षी भाजपा के पक्ष में मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए काम कर रहा है। टीएमसी का दावा है कि जिन 60 लाख मतदाताओं की गिनती की समीक्षा की जा रही थी, उनमें से 27 लाख को हटा दिया गया है। पश्चिम बंगाल में अब मतदाताओं की कुल संख्या 7,04,59,284 (7.04 करोड़) है। इनमें वे नाम शामिल नहीं हैं जिनकी गिनती की समीक्षा चल रही है। एसआईआर प्रक्रिया से पहले यह संख्या 7,66,37,529 (7.66 करोड़) थी।