24 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

US Iran Ceasefire: अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का आया बयान, कहा- स्वागत करते हैं

India reaction US Iran conflict: विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत लगातार तनाव कम करने की वकालत करता रहा है और मानता है कि जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे जरूरी रास्ता है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Apr 08, 2026

Bengal Election 2026

बंगाल में रुझानों में बीजेपी को बढ़त (Photo-IANS)

US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब खत्म हो गई है। दोनों देशों के बीच दो हफ्तों के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है। अब भारत की इस प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत ने इस सीजफायर का स्वागत किया है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि यह अस्थायी सीजफायर पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत लगातार तनाव कम करने की वकालत करता रहा है और मानता है कि जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे जरूरी रास्ता है।

सरकार ने इस संघर्ष के मानवीय और आर्थिक प्रभावों पर भी चिंता जताई। बयान में कहा गया कि इस युद्ध ने भारी मानवीय पीड़ा पैदा की है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक नेटवर्क को भी प्रभावित किया है।

वहीं भारत ने एक बार फिर दोहराया कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों से समाधान ही एकमात्र व्यवहारिक विकल्प है।

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही जारी रहनी चाहिए’

विदेश मंत्रालय ने समुद्री मार्गों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए वैश्विक व्यापार और आवाजाही निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए। बता दें कि यह जलमार्ग दुनिया में तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है और हाल के तनाव के कारण यहां बाधा आने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखने को मिली है।

सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने अमेरिका पर लगाए आरोप

वहीं भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर 10,000 से अधिक हमले किए, जिनमें एयरफोर्स और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इलाही ने कहा कि ईरान किसी भी पड़ोसी देश के साथ संघर्ष नहीं चाहता था, लेकिन अमेरिका ने अरब देशों में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल कर ईरान पर हमला किया।

उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी है। इलाही के मुताबिक कि यह युद्ध हमने नहीं चाहा, बल्कि हम पर थोपा गया। जिन्होंने इसे शुरू किया, उन्हें लगा कि वे तीन दिन में सब खत्म कर देंगे, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि ईरानी नागरिकों और घरों पर हमला करना बड़ी गलती थी।