Crackdown: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जब्त की है।
Assembly Elections: देश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग सख्त नजर आ रहा है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान से ठीक पहले, चुनाव आयोग ने अवैध धन और सामग्री पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन दोनों राज्यों में अब तक 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की जब्त किए जा चुके हैं, जिसमें भारी मात्रा में शराब,नकदी, कीमती धातुएं और ड्रग्स शामिल हैं। जब्त की गई यह विशाल राशि चुनाव आयोग की ओर से 26 फरवरी, 2026 को लागू किए गए 'इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम' का नतीजा है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए यह नई प्रणाली बहुत कारगर साबित हो रही है। अकेले पश्चिम बंगाल से 472.89 करोड़ रुपये और तमिलनाडु से 599.24 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष रूप में जब्त करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है, जबकि कुल आंकड़ा 10 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
इस कार्रवाई पर चुनाव आयोग ने यह बात साफ की है कि हमारा उद्देश्य चुनाव में बाहुबल और धनबल के इस्तेमाल पूरी तरह से रोकना है। आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इस चेकिंग अभियान के दौरान आम नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। इसके लिए विशेष जिला शिकायत समितियों का भी गठन किया गया है।
ध्यान रहे कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे में वोटरों को लुभाने के लिए पैसे और मुफ्त उपहार बांटने का चलन बढ़ जाता है। चुनाव आयोग की इस सख्त घेराबंदी के बाद राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन को आगे भी कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई का एक बड़ा पहलू 'इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम' तकनीक का सफल इस्तेमाल है। तकनीक के जरिये हर नाके, वाहन और संदिग्ध गतिविधियों पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा रही है। इससे न केवल नकदी पकड़ी जा रही है, बल्कि चुनाव से पहले शराब और मादक पदार्थों की बड़ी खेप भी नष्ट की जा चुकी है।