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नहीं थम रहा विवाद! कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आतंकवादी वाले बयान पर बीजेपी डेलीगेशन ने EC से की मुलाकात

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर विवाद बढ़ गया है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने इस मामले में सफाई दे दी है।
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भारत

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Anurag Animesh

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Updated: 22 Apr 2026, 2:48 PM IST

Mallikarjun Kharge Controversy

Mallikarjun Kharge Controversy(AI Image-ChatGpt)

Mallikarjun Kharge Controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने एक रैली में बोलते हुए पीएम मोदी को लेकर आतंकवादी जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। जिसके बाद देश की राजनीति में बवाल मच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में कही गई उनकी बात पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है और मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है।

बीजेपी ने जताई नाराजगी


इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू खुद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। उनके साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई बड़े नेता शामिल थे। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने इसे 'अत्यंत आपत्तिजनक' बताया और कहा कि ऐसी भाषा देश की राजनीतिक संस्कृति को नुकसान पहुंचाती है।

प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना गलत-बीजेपी


बीजेपी का कहना है कि किसी भी दल ने पहले कभी प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। रिजिजू ने चुनाव आयोग से मांग की कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे लोकतंत्र की गरिमा से जुड़ा सवाल है। बीजेपी प्रतिनिधिमंडल की शिकायत सुनने के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा और उचित कदम उठाएगा। फिलहाल आयोग की ओर से कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

क्या है पूरा मामला?


दरअसल, यह बयान तमिलनाडु की राजनीति और AIADMK-बीजेपी गठबंधन को लेकर दिए गए एक भाषण के दौरान सामने आया था। उसी बातचीत में यह विवादित टिप्पणी चर्चा में आ गई, जिसे लेकर अब सियासत गरमा गई है। विवाद बढ़ने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी नहीं कहा था। खरगे के मुताबिक, उनका आशय यह था कि सरकार एजेंसियों के जरिए विपक्षी दलों पर दबाव बना रही है। उन्होंने ED, आयकर विभाग और CBI जैसी संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है।