Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी मर्डर केस में अब मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बेटे को सीधा-सादा बालक बताया है। साथ ही मामले की जांच में सपोर्ट का पूरा भरोसा दिया।
Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर लोगों का गु्स्सा चरम पर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग पर अंकिता के परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं की है। परिजनों की मांग है कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही अंकिता के साथ क्या हुआ उसका खुलासा किया जाए। इधर अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता और बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बेटे को सीधा-सादा बालक बताया है।
पुलकित आर्य मेरा बेटा था, लेकिन काफी दिनों से मुझसे अलग रह रहा था। हम जिम्मेदार लोग है, हमने यह तय किया कि जबतक जांच पूरी न हो और मेरे पद के दुरुपयोग का न हो इसकारण मैंने भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों ने अपना त्याग पत्र दे दिया है। हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे, हम चाहते है कि दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो। अंकिता को भी इंसाफ मिले और पुलकित को भी इंसाफ मिले।
क्या आपको बेटे के हरकतों की पहले से जानकारी थी, उसके अपराध के बारे में आपको अंदेशा था, रिपोर्टर के इस सवाल पर बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य ने कहा कि नहीं, नहीं ऐसी कोई हरकत की मुझे कोई जानकारी नहीं थी। न हीं उसका कभी किसी अपराध में नाम आया था। अभी भी ऐसी कोई बात नहीं है। जांच में जो कुछ भी आएगा उसमें पूरा सहयोग करेंगे।
अपनी जगह पर किसी और को परीक्षा दिलाने वाले पुलकित के पुराने विवाद को भी विनोद आर्य ने गलत करार दिया। जब पत्रकारों ने सवाल उठाया कि कीड़ाजड़ी को लेकर भी पुलकित पर कुछ मामला बना था। तब विनोद आर्य ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, मेरी जानकरी में ऐसी कोई बात नहीं आई। वो सीधा-सादा बालक है, अपनी काम से काम ध्यान रखता है, बिजनेस है उसका, उसी में लगा रहता है।
बीजेपी से हटाए जाने के बारे में विनोद आर्य ने कहा कि पुलकित का मामला सामने आने के बाद हमने खुद पार्टी से त्यागपत्र दिया ताकि जांच प्रभावित नहीं हो। फैक्ट्री के नाम पर रिसॉर्ट खोले जाने के बारे में विनोद आर्य ने दो टूक कहा कि नहीं रिसॉर्ट पूरी तरह लीगल है। इसमें कोई गड़बड़ी है। बताते चले कि विनोद आर्य उत्तराखंड के पूर्व मंत्री रह चुके हैं। बीजेपी में उनकी गिनती वरिष्ठ नेताओं के रूप में है।