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Excise policy case: ‘ऑप्शन ही क्या बचा है,’ अरविंद केजरीवाल के सत्याग्रह वाले ऐलान पर आतिशी ने दिखाया समर्थन

Excise policy case controversy: दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में पेश न होने और सत्याग्रह अपनाने का ऐलान किया है। इस फैसले पर राजनीति तेज हो गई है, जहां AAP समर्थन में है और BJP ने विरोध जताया है।

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AAP के प्रमुख नेताओं ने किया अरविंद केजरीवाल के सत्याग्रह के रास्ते को अपनाने का समर्थन

Excise policy case controversy: दिल्ली में पिछले कुछ समय से दिल्ली के आबकरी नीति मामला चर्चा में चल रहा है। अरविंद केजरीवाल ने इस मामले से संबंधित अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट डालते हुए ऐलान किया कि वह इस केस में अब कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश नहीं होंगे और अब वह सत्याग्रह अपनाएंगे। इसी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी होने लगी है। आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक तरफ बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस पर पलटवार करते हुए केजरीवाल पर निशाना साधा है और इस तरह के व्यवहार को गलत बताया है। उसी क्रम में अब आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रमुख नेता आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने भी बयान दिया है और अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया है।

आतिशी ने क्या लिखा?

आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब एक आम नागरिक को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रहती, तो वह सत्य और अहिंसा का रास्ता अपनाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल केजरीवाल का मामला नहीं बल्कि हर उस नागरिक की भावना है, जिसकी न्याय व्यवस्था पर आस्था कमजोर हो रही है।

सौरभ भारद्वाज ने भी किया समर्थन

सौरभ भारद्वाज ने अरविंद केजरीवाल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक साहसिक कदम बताया है। उनका कहना है कि केजरीवाल हमेशा अलग तरीके से फैसले लेने वाले नेता रहे हैं। इस बार उन्होंने एक्साइज केस में न तो खुद अपनी पैरवी करने का फैसला किया है और न ही किसी वकील के जरिए केस लड़ने का। वह गांधीजी की तरह हाई कोर्ट में सत्याग्रह करने का निर्णय ले रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि इस फैसले से न्याय व्यवस्था और लोकतंत्र को मजबूती मिल सकती है।

हाईकोर्ट का क्या था फैसला?

इस मामले में हाईकोर्ट ने जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ सभी दलीलों को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा कि लगाए गए आरोप सिर्फ अनुमान और अटकलों पर आधारित हैं, इनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि जज के परिवार के सदस्य अपने करियर का चुनाव स्वतंत्र रूप से कर सकते हैं, इससे किसी केस में पक्षपात साबित नहीं होता। साथ ही, किसी कार्यक्रम में शामिल होना भी पक्षपात का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

यह मामला दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2021-22 से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों को मिली राहत को चुनौती दी है। अब जब पुनर्विचार याचिका खारिज हो चुकी है और केजरीवाल ने कार्यवाही से दूरी बना ली है।

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