इस मामले में केजरीवाल जस्टिस स्वर्णकांता की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। उनका कहना है कि जस्टिस RSS से जुड़े कार्यक्रमों में चार बार दिख चुकी हैं। केजरीवाल का कहना है कि वह उस विचारधारा से जुड़ी हैं, जिसका उनकी पार्टी विरोध करती है, इस वजह से वह उनके पक्ष में फैसला नहीं लेंगी। केजरीवाल के अनुसार, इस केस में सीबीआई केंद्र सरकार के तहत काम कर रही है और जज के दोनों बच्चे सरकारी वकीलों के पैनल में हैं। उनका दावा है कि इससे केस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।