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3 मौतों के पीछे निकली सोची-समझी साजिश, नाबालिग समेत 4 पकड़े गए, दिल्ली के गोविंदपुरी में लगी आग का खुलासा

Tughlakabad extension fire: दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। पुलिस का कहना है कि यह कोई हादसा नहीं जानबूझकर लगाई गई आग थी। इस मामले में पुलिस ने एक 17 साल की नाबालिग लड़की समेत चार लोगों को पकड़ा है।

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Tughlakabad extension fire NEWS

दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग के पीछे रची साजिश ( PHOTO SOURCE ANI)

Tughlakabad extension fire: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 12 जून की रात करीब 2:20 बजे तुगलकाबाद एक्सटेंशन की एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से हडकंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और आठ लोग झुलस गए थे। बताया गया कि आग की लपटे इतनी तेजी से फैली की ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस ने शुरुआत में इसे हादसा मानकर मामला दर्ज किया था और जांच शुरू कर दी थी। लेकिन जब पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उन्हें एक लड़की आग लगने से ठीक पहले इमारत के अंदर जाती हुई दिखाई दी। डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि सबूतों को देखने के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि यह कोई हादसा नहीं जानबूझकर लगाई गई आग थी।

इस दर्दनाक हादसे में 8 लोग बुरी तरह झुलस गए। जिन्हें तुरंत सफदरजंग और एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। दुख की बात यह है कि इलाज के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों पंकज पांडे, उनकी बहन सोनिया और उनकी नानी सुशीला देवी ने दम तोड़ दिया।

CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

शुरुआत में तो पुलिस को लगा कि यह कोई शॉर्ट-सर्किट या हादसा है और उन्होंने इसी हिसाब से जांच शुरू की। लेकिन जब पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी कैमरे को देखा, तो कुछ और ही सामने आया। आग लगने के ठीक पहले एक लड़की चुपके से बिल्डिंग के अंदर जाती दिखी। डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि इस फुटेज को देखने के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि यह कोई हादसा तो नहीं हो सकता। ऐसा लगता है कि ये किसी की जानबूझकर रची गई साजिश है।

'आग के लिए पेट्रोल और माचिस थमाई थी'

जब पुलिस ने तफ्तीश की तो उन्होंने गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप की रहने वाली एक 17 साल की नाबालिग लड़की को पकड़ा। उस लड़की ने कुबूल किया कि सरिता नाम की एक महिला ने उसे बिल्डिंग में खड़ी एक स्कूटी में आग लगाने के लिए कहा था। सरिता ने ही उसे पेट्रोल और माचिस लाकर दी थी। असल में सरिता का उस बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक नाम के लड़के से पैसों को लेकर कोई पुराना विवाद चल रहा था। इतना ही नहीं, पुलिस को पता चला कि इस पूरी प्लानिंग के पीछे नवजीवन कैंप के ही दो भाई निरंजन और राजकुमार थे। उन्होंने अपनी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए यह पूरी साजिश रच डाली।

पुलिस ने आरोपियों को दबोचा

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग लगाने की साजिश में शामिल लड़की और सरिता, निरंजन और राजकुमार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। मामला बेहद गंभीर है, इसलिए पुलिस ने FIR में मामूली धाराओं की जगह मर्डर की कोशिश, आपराधिक साजिश, गैर-इरादतन हत्या और रात में घर में घुसकर नुकसान पहुंचाने जैसी बेहद सख्त धाराएं जोड़ दी हैं। मामले की आगे की जांच अभी चल रही है।