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राहुल गांधी को CM देवेंद्र फडणवीस की खुली चुनौती, जब दादी संविधान नहीं बदल पाईं तो आप क्या कर लेंगे?

Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में रेजीम चेंज की कोशिश हो रही है।
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Updated: 2 Nov 2026, 8:06 PM IST
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राहुल गांधी-देवेंद्र फणनवीस। फाइल फोटो- पत्रिका

Rahul Gandhi: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में संविधान बदलने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने की कोशिश हो रही है। इसे रोकने के लिए हम सड़क पर उतरे हैं। यह लड़ाई भाजपा, मोदी या एनडीए की नहीं, बल्कि देश के संविधान को बचाने की है। जब तक शरीर में खून का आखिरी कतरा है, तब तक देश में संविधान और लोकतंत्र की व्यवस्था को बदलने नहीं देंगे।

अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप

फडणवीस ने कहा कि देश को नरेंद्र मोदी की जरूरत है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी विचारधाराओं के लोगों को इस लड़ाई में साथ आना चाहिए। चंद्र और सूर्य रहने तक देश में संविधान कायम रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को देश में अतिवामपंथी विचारधारा वाली सरकार लानी है। राहुल गांधी इसी तरह की व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई खुली लड़ाई नहीं, बल्कि एक छिपा हुआ युद्ध है, जिसके पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश है।

रेजीम चेंज की कोशिश का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी देश की राजनीतिक व्यवस्था, संविधान और संस्थाओं को बदलने की कोशिश को रेजीम चेंज कहा जाता है। बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में ऐसी घटनाएं हुई हैं। भारत में भी इसी तरह की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के लोग रोज प्रदर्शन और मोर्चे निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे भी रेजीम चेंज की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें शायद इस शब्द का अर्थ भी पता नहीं है। फडणवीस ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर देश में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देंगे।

इंदिरा गांधी के फैसले का किया जिक्र

फडणवीस ने कांग्रेस पर पहले भी संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी चुनावी जीत को अदालत में चुनौती दी गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर दिया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में फैसला दिया था। इसके बावजूद कांग्रेस ने अपने बहुमत का इस्तेमाल कर संविधान में बदलाव किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रधानमंत्री को संविधान से ऊपर रखने की कोशिश की गई।

अधिकारों की रक्षा करना जरूरी

उन्होंने कहा कि 1976 में आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था। लोगों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने तक से रोक दिया गया। बाद में 1977 में मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान में संशोधन कर मौलिक अधिकारों को फिर से बहाल किया। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के नागरिकों को धर्म, रोजगार और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे अधिकार दिए हैं। इन अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

फडणवीस ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भारत है और यहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का बनाया संविधान लागू है। राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी ने भी संविधान को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हुईं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनकी दादी संविधान को खत्म नहीं कर सकीं तो वे ऐसा कैसे कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां और इरादे नए नहीं हैं। पहले भी संविधान के साथ छेड़छाड़ की गई और अब उसी रास्ते पर आगे बढ़ने की कोशिश हो रही है। फडणवीस ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। जब तक देश के सामने खड़ा संकट खत्म नहीं होता, तब तक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने लोगों से इस संघर्ष में शामिल होने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की।

Updated on:
2 Nov 2026, 8:06 PM IST
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