फरीदाबाद में एक जर्जर मकान की छत पर एक नवजात को कोई अकेले मरने के लिए छोड़ गया। वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने बच्चे को रेसक्यू किया और पुलिस को मामले की सूचना दी।
हरियाणा के फरीदाबाद में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक अनोखा मामाला सामने आया है। यहां एक नवजात बच्चे को किसी ने जर्जर मकान की छत पर अकेला मरने के लिए छोड़ दिया। बच्चे के रोने की आवाज सुन कर लोग वहां आए जिसके बाद बच्चे को रेसक्यू किया गया। मामला शहर के एसी नगर का है। बच्चे की आवाज सुन कर वहां से गुजरते हुए एक व्यक्ति ने उसे रेस्क्यू किया और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
विक्की नामक एक व्यक्ति को यह नवजात अखबार में लिपटा हुआ मिला था। विक्की ने बताया कि उस बच्चे की नाल तक भी नहीं काटी गई थी। साथ ही बच्चे के शरीर से जन्म के समय का खून तक साफ नहीं किया गया था। बच्चे को इस हालत में रोता देख कर विक्की ने तुरंत अपनी मां को इसके बारे में जानकारी दी और फिर वह और उसकी मां बच्चे को अपने घर ले आए। विक्की की मां ने रोते हुए बच्चे को चुप कराया और फिर उसे दूध भी पिलाया। बच्चे के चुप हो जाने के बाद विक्की उसे पास के क्लिनिक ले गया जहां और उसकी नाल कटवाई।
इसके बाद विक्की ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस तुरंत विक्की के घर पहुंची और फिर नवजात को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में नवजात की जांच की गई और डॉक्टरों ने बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है और फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में है। पुलिसकर्मी अरशद ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक घटना है और ऐसा करने वाले की जल्द से जल्द पहचान की जाएगी और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है।
पुलिस ने कहा कि स्थानिय आशावर्करों की मदद से नवजात की मां का पता लगाया जाएगा। एक आशवर्कर महिला ने बताया कि, उनके पास क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड है। इस रिकॉर्ड की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि हाल ही किस महिला ने बच्चे को जन्म दिया है और कहीं उन्होंने अपने बच्चे को पैदा होते ही छोड़ तो नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पिछले 12 घंटे में किस महिला की डिलीवरी हुई है।