
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की सियासत में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर नाराजगी और मतभेदों की खबरों के बीच पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पार्टी में टूट और गुटबाजी की खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस एकजुट है और इसे तोड़ने की कोशिश करने वाले कभी सफल नहीं होंगे। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिलने और कुछ नेताओं को दोबारा जिम्मेदारियां दिए जाने से पार्टी के कई विधायक नाराज हैं। बताया जा रहा है कि कुछ विधायक फारूक अब्दुल्ला के आवास पर शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे पहुंचे। यहां उन्होंने फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी ने नाराज नेताओं से बातचीत की है। उनकी समस्याएं जायज थीं और उन पर उचित विचार किया गया है। सभी की बात सुनी गई है। कुछ मुद्दों पर जल्द कदम उठाए जाएंगे, जबकि कुछ पर धीरे-धीरे फैसला होगा। उन्होंने कहा कि यह बेबुनियाद खबर फैलाई जा रही है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस बंट गई है, जो कि पूरी तरह से गलत है। यह संगठन एकजुट है। जो लोग सोचते हैं कि वे इस संगठन को तोड़ सकते हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि यह न तो कभी टूटा है और न ही कभी टूटेगा। हमने उनसे बात की है। हम पार्टी और सरकार को मजबूत करेंगे ताकि लोगों की परेशानियों को दूर किया जा सके।
फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल कराने के साथ ही अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इन मुद्दों की लड़ाई को उसके अंतिम मुकाम तक लेकर जाएगी। पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।