इस हंगामे से पहले अस्पताल परिसर के अंदर पुलिस और मारे गए अपराधियों के परिजनों के बीच तीखी बहस हो गई। दरअसल, आक्रोशित रिश्तेदार शवों को देखने की जिद कर रहे थे और जबरन पोस्टमार्टम रूम की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। जब पुलिस अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रियाओं और वीडियोग्राफी की अनिवार्यता का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोका, तो रिश्तेदार भड़क गए। इसके बाद तीखी बहस हुई, जो धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई।