राष्ट्रीय

जिस शिला से बनी रामलला की मूर्ति, उसे निकालने पर लगा था जुर्माना

Ramlala idol: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2022 में एक ठेकेदार ने दलित किसान की खेती की जमीन से इस शिला को निकाला था।

2 min read


अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला की जो मूर्ति सबकी आंखों का तारा बनी हुई है, उसे कर्नाटक में मैसूरु के एचडी कोटे से मंगवाई गई श्याम शिला को तराश कर तैयार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स में खुलासा किया गया है कि जिस ठेकेदार ने इस शिला को खोदकर निकाला था, उस पर कर्नाटक सरकार ने 80 हजार रुपए का जुर्माना ठोक दिया था।

शिला निकालने पर हुआ था जुर्माना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2022 में एक ठेकेदार ने दलित किसान की खेती की जमीन से इस शिला को निकाला था। हारोहल्ली-गुज्गुजे गौडानापुरा का रहने वाला 70 साल का किसान रामादास एच. अपने खेत को समतल करवाना चाहता था। खेत की जमीन काफी पथरीली थी। रामदास ने बताया कि वह खेत से पत्थर निकलवाना चाहता था। इसके लिए श्रीनिवास नटराज नाम के ठेकेदार को पत्थर निकालने का ठेका दिया गया। नटराज को 10 फीट की खुदाई के बाद बड़ा पत्थर मिला, जो काले रंग का था।

यही वह श्याम शिला थी, जिसका इस्तेमाल मैसूरु के शिल्पकार अरुण योगीराज ने रामलला की मूर्ति बनाने में किया। शिला के बारे में आसपास के लोगों को पता चला तो उन्होंने माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट को सूचना दी। विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और यह कहते हुए कि नटराज ने यहां अवैध खनन किया है, उस पर जुर्माना लगा दिया। हालांकि तब तक पत्थर का चुनाव रामलला की मूर्ति के लिए नहीं किया गया था। बाद में अरुण योगीराज ने रामलला की मूर्ति के लिए इस शिला के एक टुकड़े का चयन किया।

किसान अब खेत में बनाएगा राम मंदिर

मैसूरु से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने कहा कि भाजपा वह रकम नटराज को लौटाएगी, जो उसने जुर्माने के तौर पर भरी थी। जिस किसान के खेत से पत्थर निकाला गया, उसका कहना है कि उस जगह राम मंदिर बनाया जाएगा। इसमें स्थापित की जाने वाली मूर्ति बनाने के लिए वह अरुण योगीराज से संपर्क करेगा।

Published on:
29 Jan 2024 09:23 am
Also Read
View All