
Flydubai Omani co-pilot: सऊदी अरब ने फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 के आरोपी ओमानी को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया है। इस को-पायलट ने उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन पर हमला किया था। विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर वह न होते तो दूसरा 9/11 हो सकता था।
सऊदी अरब की जांच में पता चला है कि को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। दोनों पायलटों का अस्पताल में इलाज हुआ। गुरुवार सुबह आरोपी को अबु धाबी भेजा गया। यूएई प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है, जबकि भारत के राजदूत ने घायल कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की है।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में एक अहम सवाल उठ रहा है कि कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा। एक इजराइली अधिकारी से पूछा गया कि क्या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु आग बुझाने या किसी आपातकालीन प्रक्रिया के लिए कॉकपिट में रखे गए उपकरणों में से थी।
लेकिन उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। जांच में अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई थी या नहीं।
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाई दुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश करने वाला ओमानी को-पायलट धार्मिक कट्टरपंथी था। उसके साथ काम कर चुके एक पायलट ने इजरायली न्यूज चैनल 16 से इंटरव्यू के दौरान बताया। उसने कहा कि आरोपी महिलाओं से हाथ भी नहीं मिलाता था। उसने कहा कि कंपनी ने एक आतंकवादी को नौकरी पर रखा। जिसकी वजह से करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब 9 महीने पहले नौकरी शुरू की थी।