राष्ट्रीय

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, बेटे पार्थ ने दी मुखाग्नि, फूट-फूटकर रोए समर्थक

अजित पवार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। शरद पवार अपने भतीजे की अंतिम संस्कार के लिए विद्या प्रतिष्ठान पहुंच चुके हैं। अजित दादा के समर्थक उन्हें नम आंखों से विदाई दे रहे हैं।

2 min read
Jan 29, 2026
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार (फोटो-IANS)

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का आज अंतिम संस्कार बारामती में उनके पैतृक गांव में हुआ। डिप्टी सीएम को उनके बेटे पार्थ और जय ने मुखाग्नि दी। अजित दादा के अंतिम यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी। डिप्टी सीएम अजित पवार के पार्थिव शरीर पर तिरंगा लपेटा गया। पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। पवार के अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र सरकार का पूरा मंत्रिमंडल शामिल रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बारामती पहुंचे। अजित पवार के चाचा व पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार भी अंतिम यात्रा के लिए पहुंचे।

फूट-फूटकर रोए समर्थक

अजित पवार के अंतिम संस्कार को लेकर भारी भीड़ मौजूद है। अजित दादा के अंतिम विदाई में उनके समर्थक फूट-फूटकर रो रहे हैं। इधर, VIP मूवमेंट को देखते हुए पुलिस ने भारी सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया है। अमित शाह दिवंगत अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। अंतिम संस्कार सुबह 11 से 11:30 बजे के आसपास पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इधर हादसे की जांच को लेकर भी फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। फॉरेंसिक टीम एविएशन टीम के साथ मिलकर साक्ष्य जुटा रही है।

बता दें कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। हादसा बारामती में लैडिंग के समय हुआ। हादसे में प्लेन के अंदर बैठे अजित पवार सहित पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव की मौत हो गई। अजित पवार के निधन के चलते महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक का एलान किया है।

लैंडिंग के समय विजिबिलिटी की समस्या

हादसे के बाद बॉम्बार्डियर लीयरजेट 45 एयरक्राफ्ट का संचालन करने वाली कंपनी VSR वेंचर्स के निदेशक वीके सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि लैंडिंग के समय विजिबिलिटी की समस्या थी। पायलट को एयरस्ट्रीप ठीक से नजर नहीं आई।

वीके सिंह ने कहा कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि लैंडिंग के दौरान विजिबिलिटी की समस्या थी। उन्होंने कहा कि पायलट रनवे नहीं देख पाया, इसलिए उसने लैंडिंग का दूसरा प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बारामती का हवाई अड्डा एक छोटा क्षेत्रीय पट्टी है। जिसका उपयोग मुख्य रूप से पायलट प्रशिक्षण और निजी विमान के लिए किया जाता है।

उन्होंने कहा कि कम विजिबिलिटी की स्थिति को निपटने के लिए नेविगेशनल एड्स नहीं है। इसके कारण पायलटों को काफी हद तक विजुअल जजमेंट व रेडियो कम्युनिकेशन पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं, महाराष्ट्र के अधिकारियों ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस दुर्घटना की जांच करेगा और पुणे ग्रामीण पुलिस जांच में सहायता करेगी।

Updated on:
29 Jan 2026 12:36 pm
Published on:
29 Jan 2026 10:31 am
Also Read
View All

अगली खबर