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चुनावी राज्यों में लागू हुई आदर्श आचार संहिता, ECI ने दिया सरकारी वेबसाइटों से मंत्रियों की तस्वीरें हटाने का आदेश

State Election 2026: चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी है और सरकारी वेबसाइटों से मंत्रियों की तस्वीरें हटाने और विधायकों के फंड जारी करने पर भी रोक लगा दी है।
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भारत

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Rahul Yadav

•

Updated: 15 Mar 2026, 10:35 PM IST

State Election 2026

State Election 2026 | चुनावी राज्यों में लागू हुई आदर्श आचार संहिता (Image Source: IANS)

State Election 2026: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ईसीआई) ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। इसके साथ ही आयोग ने सरकारी वेबसाइटों से मंत्रियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की तस्वीरें हटाने का निर्देश भी जारी किया है।

सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर सख्ती

चुनाव आयोग ने चुनाव वाले राज्यों के कैबिनेट सचिव और मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर कहा है कि आचार संहिता से जुड़े सभी प्रावधानों को तुरंत लागू किया जाए। आयोग ने स्पष्ट किया कि सरकारी संसाधनों का चुनावी लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता।

निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक और निजी संपत्ति पर पोस्टर-बैनर लगाकर नुकसान पहुंचाने, सार्वजनिक स्थानों का गलत इस्तेमाल करने, सरकारी वाहनों का दुरुपयोग करने और सरकारी पैसे से विज्ञापन जारी करने पर सख्त रोक लगा दी गई है। साथ ही सरकारी वेबसाइटों से मंत्रियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा गया है।

निगरानी टीमों को तुरंत सक्रिय करने के निर्देश

आयोग ने चुनावी खर्च और गतिविधियों की निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वाड, वीडियो निगरानी टीमों और अन्य जांच दलों को तुरंत सक्रिय करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा शराब, नकदी और प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध आवाजाही पर नजर रखने के लिए विशेष जांच अभियान भी चलाए जाएंगे।

जिला स्तर पर 24x7 नियंत्रण कक्ष

ईसीआई ने यह भी कहा है कि जिला स्तर पर 24 घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष तुरंत सक्रिय किए जाएं। इन नियंत्रण कक्षों की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को दी गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

सरकारी दौरों और योजनाओं पर भी निगरानी

आयोग ने निर्देश दिया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री अपने आधिकारिक दौरों को चुनाव प्रचार से नहीं जोड़ सकते। साथ ही चुनाव संबंधी गतिविधियों के लिए सरकारी मशीनरी, वाहनों या कर्मचारियों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

इसके अलावा संसद सदस्यों और विधायकों की स्थानीय क्षेत्र विकास योजनाओं के तहत नई धनराशि जारी करने पर भी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रोक लगा दी गई है।

स्क्रीनिंग समिति के गठन का निर्देश

चुनाव आयोग ने प्रत्येक राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक स्क्रीनिंग समिति बनाने का निर्देश दिया है। यह समिति विभिन्न विभागों से आने वाले प्रस्तावों की जांच करेगी और फिर उन्हें आयोग को भेजेगी।

आयोग के अनुसार, इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र तरीके से संपन्न हो सके।

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