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बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री हुए रिहा, भ्रष्टाचार के मामले में 3 साल से जेल में बंद

पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में लंबी हिरासत के बाद ज़मानत मिली है। ED और CBI द्वारा 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त किए जाने के बाद अब मामला अदालत में चल रहा है।
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Nov 11, 2025
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पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी (ANI)

कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी और पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को मंगलवार को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। ईडी ने उन्हें 23 जुलाई 2022 को इस घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में थे। शारीरिक अस्वस्थता के चलते पार्थ चटर्जी दक्षिण कोलकाता के मुकुंदपुर स्थित आरएन टैगोर अस्पताल में भर्ती थे। ज़मानत मंजूर होने के बाद मंगलवार दोपहर उन्हें वहीं से रिहा किया गया।

ED की छापेमारी के बाद गिरफ्तारी

चटर्जी की गिरफ्तारी 23 जुलाई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा हुई थी, जब उनके और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से 50 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, गहने और संपत्तियां बरामद की गईं। उसके बाद CBI ने भी उन्हें गिरफ्तार किया। ED के मामलों में सितंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन CBI मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त 2025 को जमानत देते हुए शर्त लगाई थी कि गवाहों की जांच पूरी होने तक वे हिरासत में रहेंगे। सोमवार को अलीपुर की विशेष CBI कोर्ट में आठवें और अंतिम गवाह की जांच पूरी होने के बाद जमानत का आदेश जारी हुआ। 90,000 रुपये के जमानत बांड पर रिहाई हुई।

समर्थकों में खुशी

जमानत मिलते ही पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता के समर्थक अस्पताल के बाहर जमा हो गए। "पार्थ दा जिंदाबाद" और "जय श्री राम" के नारों के बीच उनका काफिला दक्षिण कोलकाता के नक्ख्ताला स्थित उनके आवास की ओर रवाना हुआ। TMC के कई नेता भी मौजूद थे, लेकिन पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। चटर्जी, जो एक समय ममता बनर्जी के नंबर दो माने जाते थे, अब राजनीतिक रूप से अलग-थलग हैं।

CBI का बयान

CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "चटर्जी की जमानत का मतलब यह नहीं कि सभी आरोप साफ हो गए। मुकदमा अपनी तार्किक समाप्ति तक पहुंचेगा।" घोटाले में राज्य-प्रायोजित स्कूलों में सहायक शिक्षकों, ग्रुप C और D कर्मचारियों की भर्ती में अनियमितताएं शामिल हैं। CBI ने चटर्जी और 20 अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं। ED ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें 41 करोड़ की अचल संपत्तियां और 48 करोड़ नकदी शामिल हैं।

Updated on:
11 Nov 2025 04:46 pm
Published on:
11 Nov 2025 04:46 pm
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