झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट कर लिया गया है! रिम्स-2 परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन को लेकर उनका विरोध प्रदर्शन प्रशासन को रास नहीं आया। घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है, चंपई सोरेन शाम 5 बजे इस मामले में बड़ा खुलासा करने का दावा कर रहे हैं। क्या होगा आगे, देखना होगा!
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपई सोरेन पर बड़ी कार्रवाई हुई है। उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। मामला किसानों के समर्थन से जुड़ा है।
दरअसल, रिम्स-2 को बनाने के लिए नगड़ी में जमीन प्रस्तावित किया गया है। पूर्व सीएम प्रस्तावित जमीन पर हल चलाकर किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने वाले थे।
एहतियातन कदम उठाते हुए प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है. उनके आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। उधर, चंपई सोरेन का आरोप है कि उन्हें घर से बाहर जाने से रोका गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि उन्हें पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने आकर बोला है कि आप यहां से नहीं जा सकते। आईएएनएस से बातचीत करते हुए चंपई ने कहा कि जगह-जगह पुलिस ने कोल्हान से आने वाले उनके समर्थकों को रोका है। बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, गुमला और खूंटी से लोग आ रहे थे। सभी को रोका गया है।
ऐसी जानकारी मिल रही है कि रिम्स-2 के लिए प्रस्तावित जमीन के मामले में चंपई सोरेन शाम को बड़ा खुलासा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शाम को 5 बजे उस जमीन का सारा इतिहास-भूगोल बताऊंगा। उसी समय आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी जाएगी।
वहीं, रांची सिटी डीएसपी केबी रमन ने भी चंपई सोरेन को हाउस अरेस्ट करने की जानकारी दी है। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री को निषेधात्मक कार्रवाई के तहत हाउस अरेस्ट किया गया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने आवास से बाहर न निकलें।
प्रशासन ने नगड़ी स्थित प्रस्तावित जमीन के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। साथ ही, प्रस्तावित स्थल तक पहुंचने से पहले 6 लेयर की बैरिकेडिंग लगाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन रोका जा सके।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन किसानों की उस मांग का समर्थन कर रहे हैं, जिसमें वे रिम्स-2 परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन पर विरोध जता रहे हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उन्हें उनकी जमीन से जबरन बेदखल कर रहा है।