Kailash Kher: मुंबई में गायक कैलाश खेर के नाम पर 3.25 लाख की ठगी का मामला सामने आया। आरोपी ने फर्जी बातचीत और रिकॉर्डिंग के झांसे में गीतकार को फंसाया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
Singer Kailash Kher: मुंबई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो यह बताता है कि नाम बड़ा हो तो ठगों के लिए रास्ता और आसान हो जाता है। खासकर फिल्म और संगीत की दुनिया में कदम रखने वाले युवा कलाकार ऐसे झांसे में जल्दी आ जाते हैं। इस बार ठगी का शिकार बने एक गीतकार, और इस्तेमाल हुआ मशहूर गायक कैलाश खेर का नाम। पीड़ित चैतन्य गोविंद कन्हैया, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और फिलहाल मुंबई के ओशिवारा इलाके में रहते हैं, संगीत और लेखन से जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2025 में उनकी मुलाकात प्रेमल प्रफुल मेहता नाम के एक शख्स से हुई। यह मुलाकात एक जान-पहचान के जरिए करवाई गई थी, इसलिए शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ। मेहता ने खुद को ऐसे पेश किया जैसे उसकी पहुंच सीधे कैलाश खेर तक हो। उसने भरोसा दिलाया कि वह कन्हैया का गाना मशहूर गायक से रिकॉर्ड करवा सकता है। यहीं से कहानी ने मोड़ लिया।
आरोपी ने एक ऑनलाइन बातचीत भी करवाई, जिसमें ऐसा लगा कि खुद कैलाश खेर बात कर रहे हैं। बातचीत में आगे की प्रक्रिया के लिए मैनेजर से संपर्क करने की बात कही गई। यह सब इतना असली लगा कि कन्हैया को शक करने की कोई वजह नहीं बची।
कुछ समय बाद आरोपी ने घाटकोपर के आर-सिटी मॉल में मुलाकात की। यहां उसने रिकॉर्डिंग, कॉन्ट्रैक्ट और बाकी प्रोसेस का हवाला देकर एडवांस पैसे मांगे। विश्वास में आकर कन्हैया ने 3.25 लाख रुपये एक महिला, नीता साराइकर, के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। उन्हें लगा कि अब उनका सपना पूरा होने वाला है। लेकिन असली कहानी तो इसके बाद शुरू हुई। जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया। कॉल उठाना बंद, मैसेज का जवाब बंद। जब कन्हैया ने दबाव बनाया तो 5 जनवरी को एक चेक दिया गया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
जब पीड़ित ने सीधे कैलाश खेर के मैनेजर से संपर्क किया, तो सच्चाई सामने आई। न कोई बातचीत हुई थी, न कोई रिकॉर्डिंग तय हुई थी। पूरा मामला एक सोची-समझी ठगी निकला। इसके बाद कन्हैया ने मुंबई के पार्क साइट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी प्रेमल प्रफुल मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले के बाद पुलिस ने साफ कहा है कि अगर कोई व्यक्ति किसी बड़े नाम का हवाला देकर पैसे मांगता है, तो बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। खासकर ऑनलाइन बातचीत या फर्जी कॉल के आधार पर पैसे भेजना बहुत बड़ा जोखिम हो सकता है।