Fuel Stock in India: ईरान-इजरायल जंग के बीच क्या भारत में खत्म हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? केंद्र सरकार ने देश में ईंधन के स्टॉक और LPG की सप्लाई पर दिया बड़ा अपडेट। जानें भारत के पास अभी कितने दिनों का सुरक्षित भंडार बचा है।
Fuel Stock in India: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है, जिससे अगले करीब दो महीनों तक आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं और देशभर में किसी भी रिटेल आउटलेट पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
सरकार के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, ताकि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। हालांकि, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को इस वजह से अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि देश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी तरह की कमी नहीं है। भारत लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। सऊदी सीपी बेंचमार्क कीमत 522 डॉलर से बढ़कर करीब 780 डॉलर तक पहुंच गई है। इसके बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है।
सरकार ने माना कि मौजूदा कीमतों पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति एलपीजी सिलेंडर लगभग 380 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर रखा गया है।
सरकार ने प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। मार्च महीने में ही करीब 3.3 लाख नए PNG कनेक्शन जारी किए गए हैं। इसके अलावा, घरेलू और परिवहन क्षेत्र के लिए CNG की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।