
Gandhinagar Building Collapse: गुजरात की राजधानी गांधीनगर से एक बड़ा हादसा सामने आया है। कूड़ासन इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत का स्लैब बुधवार रात अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर कई मजदूर मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
गांधीनगर फायर विभाग के अनुसार अब तक 8 मजदूरों को मलबे से जिंदा निकालकर सुरक्षित बाहर लाया जा चुका है, जबकि करीब 10 से 15 मजदूरों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। गांधीनगर फायर विभाग की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। रेस्क्यू टीमें भारी मशीनरी और क्रेन की मदद से मलबा हटाकर फंसे मजदूरों को निकालने में जुटी हैं। घटनास्थल पर एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
गांधीनगर के फायर ऑफिसर राजेश पटेल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि कूड़ासन इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग का हिस्सा गिर गया है और फायर विभाग की टीमें फिलहाल मौके पर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी पूरी जानकारी अभी जुटाई जा रही है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार माना जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान क्रेन गिरने से यह हादसा हुआ, हालांकि हादसे के सही कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच करेगा कि निर्माण कार्य में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।
गौरतलब है कि यह चार दिनों के भीतर देश में इमारत गिरने की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले रविवार दोपहर राजधानी दिल्ली में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। जर्जर हालत में पहुंच चुकी इस इमारत में एक पीजी (पेइंग गेस्ट) चलता था। दिल्ली हादसे के सदमे से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि गांधीनगर में यह नया हादसा सामने आ गया है, जिसने एक बार फिर निर्माण कार्यों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल गांधीनगर में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।