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चुनाव बाद हिंसा पर मानवाधिकार आयोग पहुंची TMC, कुणाल घोष बोले- BJP के अत्याचार से हमारे हजारों कार्यकर्ता बेघर

West Bengal Post Poll Violence: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर सियासत फिर तेज हो गई है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया कि पार्टी ने राज्य मानवाधिकार आयोग को चुनाव बाद कथित हिंसा से प्रभावित लोगों की दूसरी और सप्लीमेंट्री सूची सौंपी है। घोष के मुताबिक, कई लोग घरों से बाहर हैं और वापस नहीं लौट पा रहे हैं।
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कोलकाता

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Anand Shekhar

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Updated: 9 Sep 2026, 8:33 PM IST

TMC leader Kunal Ghosh

टीएमसी नेता विधायक कुणाल घोष (फोटो : ANI)

West Bengal Post Poll Violence: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई कथित राजनीतिक हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य मानवाधिकार आयोग का रुख किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर TMC का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को आयोग के कार्यालय पहुंचा, जिसमें वरिष्ठ नेता कुणाल घोष, रत्ना सुर और वैश्वानर चटर्जी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त जस्टिस आई.पी. मुखर्जी से मुलाकात की और उन पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की विस्तृत सूची सौंपी, जिन्हें चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।

हजारों लोग नहीं लौट पा रहे घर : कुणाल घोष

आयोग के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद TMC नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले एक शुरुआती सूची सौंपी थी और अब दूसरी आधिकारिक सूची के साथ एक सप्लीमेंट्री सूची भी दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी के उपद्रवियों और पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के कारण पार्टी कार्यकर्ता अपने घरों को नहीं लौट पा रहे हैं। कई लोगों को जबरन बेदखल कर दिया गया, जबकि कई अन्य लोगों के घरों और दुकानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई।

थाना और ब्लॉक स्तर पर तैयार किया गया पीड़ितों का ब्योरा

दमदम और बिधाननगर जैसे इलाकों से कार्यकर्ताओं के विस्थापन से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कुणाल घोष ने कहा कि सौंपी गई सूची में इन सभी संवेदनशील इलाकों का पूरा विवरण शामिल है। पार्टी ने बंगाल भर के प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई है और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए प्रत्येक पीड़ित का नाम, आवासीय पता और संबंधित पुलिस स्टेशन व ब्लॉक की स्पष्ट जानकारी दर्ज की है।

प्रभावित कार्यकर्ताओं की संख्या के बारे में पूछे जाने पर कुणाल घोष ने कहा कि यह आंकड़ा सैकड़ों में नहीं, बल्कि हजारों में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक और अतिरिक्त सूची अभी तैयार की जा रही है, क्योंकि जमीनी स्तर पर हजारों लोग अभी भी बेघर हैं।

पुलिस को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

कुणाल घोष ने दावा किया कि TMC प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों और सबूतों के आधार पर, राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) आई.पी. मुखर्जी ने पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने आदेश दिया है कि ज़बरदस्ती विस्थापित किए गए लोगों को सुरक्षित उनके मूल घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी।

कुणाल घोष ने बताया कि इसके अलावा, पुलिस को आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी दिया गया है। इस रिपोर्ट में विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी से जुड़ी जमीनी स्थिति और प्रशासन द्वारा अब तक उठाए गए ठोस कदमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।