यूएस-ईरान युद्ध के कारण दुनिया भर में गैस और तेल का संकट बढ़ रहा है। यही कारण है कि दुनिया भर के देश फ्यूल बचाने और अपने लोगों के लिए लगातार एनर्जी की सप्लाई पक्का करने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं।
LPG Cylinder Delivery Update: गैस-तेल संकट की खबरों के बीच आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या घरों तक LPG सिलेंडर समय पर पहुंचेगा या नहीं? लेकिन ताजा सरकारी आंकड़े राहत देने वाले हैं। मार्च के पहले तीन हफ्तों में ही 3.5 लाख से ज्यादा PNG कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे साफ है कि सरकार गैस सप्लाई को मजबूत करने में जुटी है। घरेलू LPG सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और पैनिक बुकिंग में भी काफी कमी आई है। वैश्विक तनाव और यूएस-ईरान जैसे हालात के बावजूद भारत में गैस की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार लगातार सप्लाई पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इंतजाम भी कर रही है। कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि गैस सप्लाई अभी स्थिर और नियंत्रण में है।
बता दें भारत सरकार ने पहले ही कंज्यूमर्स को 20 परसेंट कमर्शियल LPG सप्लाई बहाल कर दी है। इसके अलावा, इसने PNG बढ़ाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों के आधार पर राज्यों और UTs को कमर्शियल LPG का अतिरिक्त 10 परसेंट देने का प्रस्ताव दिया है।
सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस और ईंधन की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। रिफाइनरियां पहले से ज्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास पर्याप्त कच्चा तेल (क्रूड) मौजूद है। यही वजह है कि घरेलू LPG का उत्पादन भी संकट से पहले के स्तर से ज्यादा हो गया है। पेट्रोल और डीजल का भी अच्छा खासा स्टॉक रखा गया है, जिससे किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है।
ऑयल कंपनियों के मुताबिक, कहीं भी पेट्रोल-डीजल खत्म होने की खबर नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि वे पैनिक में आकर ज्यादा खरीदारी न करें, क्योंकि पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।
जरूरी सेवाओं जैसे घरेलू PNG और CNG वाहनों के लिए गैस की 100% सप्लाई दी जा रही है, जबकि उद्योगों और व्यापारिक उपयोग के लिए इसे करीब 80% तक सीमित किया गया है। सरकार चाहती है कि बड़े शहरों में दुकानदार और कारोबारी LPG की जगह PNG अपनाएं।
इसके लिए कंपनियां इंसेंटिव भी दे रही हैं और राज्यों से गैस नेटवर्क बढ़ाने के लिए तेजी से मंजूरी देने को कहा गया है, ताकि भविष्य में सप्लाई और मजबूत हो सके।