Assam Politics: असम की राजनीति में तीखी बयानबाजी ने नया मोड़ ले लिया है। असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जोरहाट लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को "असम का जिन्ना" करार देते हुए जमकर निशाना साधा है।
Assam Politics: असम विधानसभा चुनाव से पहले तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जोरहाट लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए 'असम को जिन्ना' करार दिया है। यह विवाद पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद भड़का है।
गुवाहाटी में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव गोगोई ने कहा, 'हिमंता बिस्वा सरमा असम के जिन्ना हैं। उन्हें नेताओं को हिंदू प्रमाण पत्र (हिंदू सर्टिफिकेट) बांटना बंद कर देना चाहिए।' गोगोई ने सरमा पर आरोप लगाया कि वे समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं और हिंदू समाज के नाम पर विभाजनकारी रुख अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरमा ने भूपेन बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता कहकर हिंदू प्रमाण पत्र देने का काम किया है, जो गलत है।
गोगोई ने चुनौती देते हुए कहा कि सरमा से हिंदू धर्म पर खुली बहस करने को तैयार हैं, ताकि असली हिंदू कौन है, यह साबित हो सके। उन्होंने गाय तस्करी सिंडिकेट को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया और कहा कि ऐसे व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकते।
यह बयान भूपेन बोरा के इस्तीफे के एक दिन बाद आया है। बोरा 22 फरवरी 2026 को भाजपा में शामिल होने वाले हैं। सरमा ने बोरा के इस कदम को असहमति और कांग्रेस की स्थिति से जोड़ा था। गोगोई ने बोरा के इस्तीफे को कमतर आंकते हुए कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले नेता राजनीतिक रूप से महत्वहीन हो जाते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'सरबानंद सोनोवाल और कई अन्य नेताओं का यही हाल हुआ। एजीपी पार्टी अब विलुप्त होने की कगार पर है।' गोगोई ने दावा किया कि कांग्रेस एक समंदर की तरह है और हम सब उसमें बूंदें हैं।
भूपेन बोरा ने इस्तीफे के बाद गोगोई पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि असम कांग्रेस अब गोगोई के नियंत्रण में नहीं है, बल्कि धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन मुख्य भूमिका में हैं। बोरा ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा कि उनके इस्तीफे पर राहुल ने एक शब्द भी नहीं कहा। बोरा ने 9 फरवरी को पार्टी आलाकमान की बैठक में विपक्षी गठबंधन की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन गोगोई के हस्तक्षेप से असहमति हुई।