
Western Disturbance: फरवरी का महीना अभी विदा भी नहीं हुआ कि मौसम ने अपने रंग बदलने शुरू कर दिए हैं। जहां देश की राजधानी दिल्ली में लोगों को फरवरी में ही पंखे चलाने की नौबत आ गई है, वहीं पड़ोसी राज्यों में बादलों की गड़गड़ाहट ने किसानों और आम जनता की धड़कनें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के पूर्वानुमान के लिए जो बुलेटिन जारी किया है (IMD Weather Forecast), वह चौंकाने वाला है। एक तरफ गर्मी पसीना छुड़ाने को तैयार है, तो दूसरी तरफ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) उत्तर भारत के कई हिस्सों में 'बिन मौसम बरसात' लेकर आया है।
दिल्ली वालों के लिए अब रजाई-कंबल पैक करने का वक्त आ गया है। मौसम विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार फरवरी में ही गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा है। सुबह के वक्त हल्की ठंडक जरूर है, लेकिन दिन चढ़ते ही सूरज के तेवर तीखे हो रहे हैं। हालांकि, IMD ने आज (18 फरवरी) दिल्ली-एनसीआर में हल्की बूंदाबांदी और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन यह राहत फौरी होगी।
जहां दिल्ली तप रही है, वहीं पंजाब और हरियाणा में मौसम ने करवट ले ली है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से इन राज्यों में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की भविष्यवाणी की है। इतना ही नहीं, कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है। यह बदलाव अगले 24 घंटों तक बना रह सकता है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के रूप में दिख सकता है, लेकिन यह ठंड अब लौटकर नहीं आने वाली।
पहाड़ी राज्यों- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुदरत का अलग ही नजारा है। यहाँ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी है। उधर, राजस्थान के कुछ हिस्सों (जैसे बीकानेर, जयपुर संभाग) में धूल भरी आंधी और मेघगर्जन के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। यानि उत्तर भारत का मौसम इस वक्त 'मिक्स वेज' बना हुआ है-कहीं धूप, कहीं बारिश, तो कहीं बर्फ।
मौसम वैज्ञानिक इसे क्लाइमेट चेंज का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं। आमतौर पर होली के आसपास गर्मी दस्तक देती थी, लेकिन अब फरवरी के मध्य में ही 'अप्रैल वाली फीलिंग' आ रही है। ला नीना (La Niña) के कमजोर पड़ने और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की आवृत्ति में बदलाव इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि इस साल गर्मी लंबी खिंचेगी और लू (Heatwave) के थपेड़े हमें जल्दी परेशान कर सकते हैं।
Updated on:
18 Feb 2026 05:08 pm
Published on:
18 Feb 2026 05:07 pm
