
Congress Rally November 1, Gaurav Gogoi News in Hindi: नई दिल्ली में कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं, और हालात में तनातनी साफ दिख रही है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब लोकतंत्र जैसे बड़े मुद्दे सामने हैं, सरकार जवाब देने से बच रही है। इसी बीच, एक नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली से ठीक पहले पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है, जिससे राजनीति और गर्मा गई है।
गौरव गोगोई ने मोदी से सीधे पूछा कि जब उन पर लोकतंत्र से खिलवाड़ के आरोप लग रहे हैं, तो वो चुप क्यों हैं। गृहमंत्री का बयान जरूर आया, लेकिन इस मसले पर मोदी खुद क्यों नहीं बोल रहे गोगोई को यही खटक रहा है। उनका ये भी कहना है कि जब लोकतंत्र पर सवाल उठ रहे हैं, तब देश का टॉप लीडर खुद सामने आकर साफ-साफ जवाब दे।
गोगोई ये भी पूछते हैं कि मोदी इन मुश्किल मुद्दों को छोड़कर विधान परिषद चुनाव जैसी चीजों पर ही क्यों बात कर रहे हैं। उनका इशारा साफ है। सरकार असली सवालों के जवाब नहीं देना चाहती।
इधर, कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को, जो अलग-अलग राज्य से रैली के लिए दिल्ली आ रहे थे, पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। गोगोई ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दे छुपा रही है और कोशिश कर रही है कि सच बाहर न आए।
अब कांग्रेस की पूरी प्लानिंग ये है कि अपने सवालों को दिल्ली पहुंचकर जनता तक सीधे ले जाए। गोगोई ने यही दोहराया कि वो जानना चाहते हैं अगर कहीं घपला हुआ है, तो किसने किया, किसके इशारे पर हुआ, और कौन इसके पीछे है। उनका आरोप है कि बीजेपी सरकार चाहती ही नहीं कि ये सवालों की गूंज आम लोगों तक पहुंचे।
अब नजरें एक नवंबर की कांग्रेस रैली पर टिकी हैं। चुनाव, लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी और विपक्ष की आवाज—ये सब मुद्दे हमेशा चर्चा में रहते हैं, और यही वजह है कि कांग्रेस इस रैली को एक बड़ा मौका मान रही है। असली सवाल अब ये है—बीजेपी कांग्रेस के आरोपों पर खुलकर जवाब देगी या नहीं, और क्या कांग्रेस जनता के सामने अपने दावों के ठोस प्रमाण रख पाएगी? आगे की बहस इन्हीं सवालों के जवाबों पर टिकेगी।