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क्या रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उपेंद्र द्विवेदी को ‘चीफ ऑफ द ऑर्मी स्टाफ’ पद से हटाया? जानें वायरल पोस्ट की सच्चाई

Upendra Dwivedi fake news: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को पद से हटाए जाने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन PIB ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया। जानिए वायरल पोस्ट की सच्चाई और क्या है पूरा मामला।

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May 14, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी। (Photo- IANS)

Army Chief General Upendra Dwivedi removal rumour: भारतीय थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों अफवाहों का बाजार गर्म है। कुछ वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कथित मतभेदों के चलते जनरल उपेंद्र द्विवेदी को ‘चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ’ के पद से हटा दिया गया है। हालांकि, इस फैक्ट की जांच में ये दावे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक साबित हुए हैं। वर्तमान में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ही हैं और केंद्र सरकार की ओर से उन्हें हटाने जैसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।

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वायरल पोस्ट का दावा और सच्चाई

सोशल मीडिया हैंडल @ProudIndiaNa समेत कुछ अकाउंट्स पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बीच मतभेद हो गए हैं। वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया है और सेना की कमान उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को सौंप दी गई है। इस दावे के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

हालांकि, सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री द्वारा जनरल उपेंद्र द्विवेदी को पद से हटाने संबंधी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। (PIB ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा फेक, बेबुनियाद और लोगों को गुमराह करने वाला है।

कौन हैं जनरल उपेंद्र द्विवेदी?

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना के 30वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था और वे अभी भी इसी पद पर कार्यरत हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1964 को हुआ था। वे भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के रीवा सैनिक से पढ़ाई की है। वे वर्ष 1984 में जम्मू-कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट में कमीशंड हुए थे। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

सेना प्रमुख बनने से पहले वे उप सेना प्रमुख और उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी भी रह चुके हैं। चीन और पाकिस्तान सीमा से जुड़े रणनीतिक मामलों में उन्हें व्यापक अनुभव हासिल है। इसके अलावा वे आधुनिक सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर देते रहे हैं।

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Published on:
14 May 2026 10:52 am
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