
Ghulam Nabi Azad-Farooq Abdullah : नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान पर सियासी प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने भी उनके बयान को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और जम्मू-कश्मीर का अगर कोई दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है।
गुलाम नबी आजाद ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह फारूक अब्दुल्ला का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका यह बयान सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 1947 के बाद से जो भी विकास हुआ है, उसमें केंद्र सरकारों का अहम योगदान रहा है।
गुलाम नबी आजाद ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का जिक्र करते हुए कहा कि वहां आज क्या हालात हैं और कितने लोगों की जान गई है, इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पीओके के कई लोग वापस लौटकर भारत का हिस्सा बनकर रहना चाहते हैं। आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और वहां के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान को लेकर वास्तविकता समझना जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर के विकास में केंद्र सरकारों की भूमिका पर बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह किसी एक राजनीतिक दल या प्रधानमंत्री की सरकार की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की हर केंद्र सरकारों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है। आजाद ने कहा कि वर्ष 1947 के बाद जम्मू-कश्मीर में जो भी विकास हुआ है, वह केंद्र सरकारों के प्रयासों का नतीजा है।
दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पार्टी के एक सम्मेलन के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी और उसकी मंशा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीवित रखने के लिए पाकिस्तान के प्रयास क्षेत्र के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फारूक अब्दुल्ला के इस बयान के बाद भाजपा और एनडीए के कई नेताओं ने उनकी आलोचना की है। अब गुलाम नबी आजाद ने भी बयान को गलत बताते हुए पाकिस्तान को भारत और जम्मू-कश्मीर का दुश्मन करार दिया है।