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‘जब कश्मीर में हिंदू मारे जा रहे थे, तब वो सत्ता का आनंद ले रहे थे’, फारूक अब्दुल्ला पर बोले गिरिराज सिंह

Jammu Kashmir: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पूरे परिवार ने हमेशा पाकिस्तान का साथ दिया और कश्मीर के हिंदुओं के दर्द को नजरअंदाज किया।
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Jul 10, 2026
Jammu Kashmir Politics, BJP News Hindi, Farooq Abdullah Pakistan Connection
फारूक अब्दुल्ला पर बयान देते केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह | फोटो सोर्स- IANS

Farooq Abdullah: केंद्रीय मंत्री व बिहार के बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम व NC नेता फारुक अब्दुल्ला पर हमला बोला है। गिरिराज ने कहा कि शेख अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने हमेशा से पाकिस्तान का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि जब कश्मीर में हिंदुओं को गोलियों से भूना जा रहा था, तब वह सत्ता के मजे ले रहे थे। गिरिराज सिंह ने अब्दुल्ला परिवार पर अलगाववादियों को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे कुनबे का इतिहास हमेशा देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े रहने का रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस करेगी जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन

इधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर मानसून सत्र से पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने देश के 52 प्रमुख राजनीतिक नेताओं, जम्मू-कश्मीर के विभिन्न दलों के नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को इस प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है।

NC नेता फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय समेत कई नेताओं को आमंत्रित किया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि संघवाद किसी एक पार्टी, किसी क्षेत्र या समुदाय का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

मोदी सरकार ने पूरा नहीं किया है अपना वादा

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया था। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग राज्य बनें। उस समय संसद में केंद्र की मोदी सरकार ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया था कि भविष्य में उचित समय आने पर जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने इन आश्वासनों पर भरोसा किया और किसी तरह का आंदोलन करने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया। वर्ष 2024 में शांतिपूर्ण ढंग से विधानसभा चुनाव हुए और जनता ने अपना जनादेश दिया, लेकिन अभी तक मोदी सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया है।

Updated on:
10 Jul 2026 01:41 pm
Published on:
10 Jul 2026 12:00 pm
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