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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में केजरीवाल का ऐलान, रविवार को सुंदरकांड पाठ के बाद शुरू होगा राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा एलान। रविवार को सुंदरकांड पाठ के बाद शुरू करेंगे देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान, पीएम मोदी को भेजेंगे चिट्ठी।
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राम मंदिर चढ़ावा मामले पर केजरीवाल का बड़ा ऐलान

Ram Mandir Case Update: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों को घेरा है। केजरीवाल का कहना है कि इस पूरे मामले में सिर्फ 8 छोटे लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया गया है, जबकि असली और बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से इस लड़ाई में साथ आने की अपील करते हुए एक बड़े अभियान की घोषणा की है।

बता दें कि केजरीवाल ने कहा है कि 'अब जनता को अपनी आवाज उठानी होगी और भगवान के दरबार में जाना होगा। इस रविवार सुबह 11:30 बजे रोहिणी में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। मैं सभी श्रद्धालुओं और राम भक्तों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करता हूं।' उन्होंने बताया कि सुंदरकांड पाठ के बाद भगवान का आशीर्वाद लेकर पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। जहां-जहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद हैं, वहां इस अभियान को चलाया जाएगा।

केजरीवाल ने कहा कि 'यह सिर्फ आम आदमी पार्टी का अभियान नहीं है। भगवान राम के जो भी श्रद्धालु इस घटना से आहत हैं, वे सभी इस हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।' उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जुटाए गए हस्ताक्षरों के साथ एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा, जिसमें मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की जाएगी।

गौरतलब है कि इसके पहले केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया था कि मंदिर से करीब 200 करोड़ रुपये का चढ़ावा गायब हुआ है, लेकिन जांच एजेंसियों ने केवल 80 लाख रुपए की बरामदगी दिखाई है, जिससे उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी (SIT) जांच और एफआईआर महज एक 'दिखावा' और 'नाटक' प्रतीत होती है। केजरीवाल ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को नाकाफी बताते हुए मांग की है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले इन "चंदा चोरों" को सरेआम फांसी की सजा दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मांग की कि देश के पवित्र मंदिरों का प्रबंधन राजनीतिक नियंत्रण से मुक्त कर पूरी तरह संतों और महात्माओं के हाथों में सौंप दिया जाना चाहिए।