
भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोले मिथिलेश तिवारी (Video Screenshot)
Bharat Tiwari Encounter Case : बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। 17 जून को हुए इस विवादास्पद पुलिस एनकाउंटर में 28 साल के भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद विपक्ष, परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी (Mithilesh Tiwari) ने सभी पक्षों से संयम बरतने और न्यायिक जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की है।
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है और निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा, सभी लोगों को न्यायिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं और प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हमारा उद्देश्य परिवार को न्याय दिलाना है।
भरत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, भरत भूषण सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट करते थे और स्थानीय अधिकारियों को धमकी देने से जुड़े मामले में पुलिस की नजर में थे। पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसी दौरान कथित मुठभेड़ हुई, जिसमें भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई।
पुलिस ने दावा किया कि घटना के समय उनके पास हथियार मौजूद था और वह मानसिक रूप से अस्थिर स्थिति में थे। हालांकि, भरत भूषण तिवारी के परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस के दावे को खारिज किया है। परिवार का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उन पर गोली चला दी। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद बिहार में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया है। विपक्ष की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की गई है। नेताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया। वहीं, परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है।
भोजपुर एनकाउंटर मामले में सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और पुलिस कार्रवाई सही थी या नहीं। परिवार की ओर से भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। भरत भूषण तिवारी के पिता का कहना है कि पूरी घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
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Updated on:
07 Jul 2026 10:52 am
Published on:
07 Jul 2026 09:53 am
