
Giriraj Singh on Sonia Gandhi: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की कथित टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने नीतीश कुमार को 'गद्दार' कहे जाने को बेहद अनुचित बताया और कहा कि इस तरह की टिप्पणी से बिहार का भी अपमान हुआ है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को 'गद्दार' कहना बेहद अनुचित है। सोनिया गांधी की बात करें तो वह भी देश के प्रति वफादार नहीं रहीं, हालांकि मैं उन्हें गद्दार नहीं कहूंगा। उन्होंने शादी के बाद 15 साल तक भारतीय नागरिकता भी हासिल नहीं की।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के कदमों के पीछे अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता के पीछे की मंशा को समझ लिया था।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार समझ गए थे कि विपक्षी एकता की कवायद वास्तव में विपक्ष को एकजुट करने के लिए नहीं थी, बल्कि राहुल गांधी की ताजपोशी की व्यवस्था थी।
सोनिया गांधी की कथित टिप्पणी पर राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर यह बात कही गई है, तो मैं कहना चाहूंगा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा लगता है कि अब राजनीति में एक नया मुहावरा उभर रहा है- जो लोग किसी खास परिवार के प्रति वफादार हैं और उसकी सत्ता मजबूत करने में मदद करते हैं, उन्हें देशभक्त कहा जाता है, जबकि बाकी लोगों के लिए अलग तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। नीतीश कुमार बिना किसी राजनीतिक विरासत के इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
वहीं बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि देश के केवल दो-तीन राज्यों को छोड़ दें तो कांग्रेस पूरे देश में अप्रासंगिक हो चुकी है। इन लोगों की बातों को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता। हैरानी की बात है कि कांग्रेस पार्टी का एक नेता ‘विश्वासघात’ शब्द का इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ लगातार विश्वासघात किया है। कांग्रेस ने विश्वासघात करके चौधरी चरण सिंह की सरकार गिराई थी और चंद्रशेखर की सरकार भी विश्वासघात के जरिए गिराई थी।
बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि विश्वासघात कांग्रेस के डीएनए में है। कांग्रेस के नेताओं ने सरदार पटेल, राजेंद्र बाबू और ऐसे ही कई अन्य नेताओं के साथ क्या किया था। इसलिए यह हैरानी की बात है कि कांग्रेस आज ‘विश्वासघात’ जैसे शब्द का इस्तेमाल कर रही है।