
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मैं लगातार कहता रहा हूं कि दो-चार जिन्ना पैदा हो गए हैं और ओवैसी इन्हीं नए जिन्नाओं में से एक हैं। वह बैरिस्टर हैं, क्या उन्हें कानून का सम्मान नहीं करना चाहिए? वह संविधान को स्वीकार नहीं करते। क्या यहां शरिया कानून लागू किया जाएगा?
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि राहुल गांधी जैसे व्यक्ति, अगर आप जीतते हैं तो बहुत अच्छा; जब आप केरल में जीतते हैं तो अच्छा है, जब आप हिमाचल में जीतते हैं तो अच्छा है। लेकिन अगर आप हार जाते हैं, तो कहते हैं कि वोट चुरा लिए गए। वोट चोरी करने वाले तो आप थे; आपकी मां ने भी वोट चुराए। सोनिया गांधी को जेल में होना चाहिए। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का अपमान करना एक फैशन बन गया है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तीन ऐसे लोग है, जो नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करते है। क्योंकि वह एक गरीब व्यक्ति के बेटे हैं। वे यह स्वीकार नहीं कर सकते कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
इस दौरान उन्होंने 30 सितंबर को इंडिया गठबंधन की होने वाली बैठक को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। गिरिराज सिंह ने कहा कि उससे क्या होने वाला है? जनता ने वोट दिया है, जनता ने जिताया है। संवैधानिक पदों पर बैठे हुए लोगों को अपमानित करना एक फैशन हो गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कल भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ ने जनता को बताया कि SIR से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने एकजुट होकर ये फैसले लिए और SIR या फॉर्म-6 को लेकर आयोग के भीतर किसी भी तरह का मतभेद नहीं था।
सीएम सरमा ने कहा कि लेकिन आयोग की ओर से स्पष्टीकरण आने तक राहुल गांधी, कांग्रेस का पूरा इकोसिस्टम और यह 'नक्सली इकोसिस्टम' पूरे देश में यह कहते हुए हंगामा मचा रहा था कि आयोग के भीतर मतभेद हैं, SIR गलत है, SIR को वापस लिया जाना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा दे देना चाहिए।