बीते कुछ दिनों से किसानों के प्रति केंद्र सरकार का रवैया बेहद नरम नजर आ रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। फिर सरकार ने पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर किया और अब वो एमएसपी के मुद्दे पर भी किसानों से बात करने को तैयार है।
नई दिल्ली। किसानों के प्रति केंद्र सरकार का रवैया बीते कुछ दिनों से बेहद नरम नजर आ रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। वहीं अब संसद में इसके लेकर विधेयक भी पास हो गया है। इसके अलावा सरकार ने किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। अब सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर किसानों से बात करने को भी तैयार है।
सरकार ने किसानों से चर्चा के लिए मांगे 5 नाम
बता दें कि सरकार ने इस मुद्दे पर बात करने के लिए किसानों से पांच नाम मांगे हैं। सरकार की ओर से की गई इस पहल के बाद पंजाब के 32 किसान संगठन अपनी तरफ से दो नामों का सुझाव दे सकते हैं। जानकारी के अनुसार बीते 19 नवंबर से ही सरकार और किसानों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई थी। वहीं अब सरकार ने संयुक्त किसान संगठन ने इस एमएसपी पर चर्चा के लिए पांच सदस्यों के नाम मांगे हैं।
इसी बीच किसान नेता सतनाम सिंह ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि सरकार ने हमारी सभी मांगे मान ली हैं। अब 4 दिसंबर को किसान आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया जाएगी। सतनाम सिंह का कहना है कि जल्द ही गृह मंत्रालय की ओर से प्रदेश सरकारों को किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमें वापस लेने का निर्देश दिया जाएगा।
गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में किसान करीब एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं अब केंद्र सरकार ने तीनों कानूनों को रद्द करने के लिए संसद में विधेयक पास कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने पराली जलाने को भी अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। वहीं अब सरकार एमएसपी के मुद्दे पर भी नरम नजर आ रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में होने वाले नुकसान को देखते हुए नरम पड़ गई है।