छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की है। यहां कुछ लोगों ने बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जमा कर रखे थे और उन्हें महंगे दामों पर बेचने की तैयारी कर रहे थे।
LPG: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब भारत तक साफ दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ने के कारण देश में एलपीजी और पेट्रोल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि कई शहरों में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग डर के कारण जल्दी-जल्दी गैस सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे मांग अचानक बढ़ गई है। इसी माहौल का फायदा उठाकर कुछ लोग एलपीजी की कालाबाजारी करने में जुट गए हैं, जिस पर अब प्रशासन सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। दरअसल, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी की वजह से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से इस रास्ते से भारत तक बहुत कम जहाज पहुंचे हैं। इसी कारण देश में आपूर्ति को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं और लोगों में घबराहट बढ़ रही है।
तमिलनाडु के मदुरै में पुलिस ने इसी घबराहट के माहौल में एलपीजी की कालाबाजारी का बड़ा मामला पकड़ा। खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस और सिविल सप्लाई विभाग की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुल 398 गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे। जांच में सामने आया कि सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों को अवैध तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए बेचा जा रहा था। कर्नाटक के यादगीर जिले में भी एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने कई होटलों और ढाबों की जांच की। इस दौरान 46 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक कामों में किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू सिलेंडर का इस तरह उपयोग करना नियमों के खिलाफ है और इस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की है। यहां कुछ लोगों ने बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जमा कर रखे थे और उन्हें महंगे दामों पर बेचने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कई जगह छापेमारी कर 350 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सीधे मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई, जिन्होंने संकट के समय कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी प्रशासन सक्रिय नजर आया। यहां 22 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं सागर जिले में एक अवैध रिफिलिंग सेंटर का खुलासा हुआ, जहां से 47 सिलेंडर बरामद हुए। छतरपुर में भी करीब 38 सिलेंडर जब्त किए गए। अधिकारियों ने साफ कहा है कि संकट के समय मुनाफाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं। झांसी, जौनपुर, चंदौली और हापुड़ जैसे जिलों में प्रशासन लगातार छापेमारी कर रहा है। अब तक सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। इसी बीच 11 मार्च को सिलेंडरों से भरे एक ट्रक की चोरी का मामला भी सामने आया था, जिसमें करीब 500 सिलेंडर गायब हो गए थे। पुलिस ने बाद में इन्हें बरामद कर लिया। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और चंपावत में भी प्रशासन ने होटल, ढाबों और दुकानों पर अचानक जांच की। कई जगह घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग मिलता हुआ पाया गया, जिसके बाद कई सिलेंडर जब्त किए गए और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।