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internet Shutdown In Rajasthan : नेटबंदी कर सरकार नकल पर रोक लगाने में नाकाम, भर्ती परीक्षाओं में पकड़े गए नकलची गिरोह

- वर्ष 2018 में पहली बार प्रतियोगिता परीक्षा में नेटबंदी की थी। इसके बाद करीब आधा दर्जन परीक्षाओं में नेटबंदी करवाई जा चुकी है।

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Oct 28, 2021
internet Shutdown In Rajasthan : नेटबंदी कर सरकार नकल पर रोक लगाने में नाकाम, भर्ती परीक्षाओं में पकड़े गए नकलची गिरोह

जयपुर । राजस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए नेटबंदी का प्रचलन बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2018 में पहली बार प्रतियोगिता परीक्षा में नेटबंदी की थी। इसके बाद करीब आधा दर्जन परीक्षाओं में नेटबंदी करवाई जा चुकी है। इसके बाद करीब आधा दर्जन परीक्षाओं में नेटबंदी करवाई जा चुकी है। लेकिन नकल पर लगाम नहीं लग सकी। हर बार परीक्षा के दौरान डमी कैंडिडेट और नकल करवाने वाले गिरोह पकड़े गए। नए तरीके से नकल के मामले भी सामने आते हैंँ हाल ही में आयोजित रीट का पेपर शुरू होने से पहले ही अभ्यर्थियों के पास पहुंच गया। वहीं, भांकरोटा क्षेत्र में एक केन्द्र पर जैमर लगा होने के बावजूद नीट का पेपर हल करवाने के लिए बाहर भेज दिया गया था।

हर बार सरकार की तैयारी, फिर भी निकाला तोड़-
पटवारी परीक्षा-
23 व 24 अक्टूबर: प्रदेशभर में ब्लूटूथ, डमी कैंडिडेट और अन्य तरीकों से नकल करने के मामलों का खुलासा हुआ। पुलिस ने कई परीक्षा केन्द्रों पर डमी कैंडिडेट गिरफ्तार किए। जयपुर में भी आदर्श नगर, ब्रह्मपुरी, प्रताप नगर, सोडाला, श्याम नगर थाना क्षेत्र में डमी कैंडिडेटों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

कांस्टेबल भर्ती -
2018 : बताया जाता है कि सबसे पहले कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नेटबंदी की गई। इसके बावजूद प्रदेशभर में नकल से संबंधित मामलों में 20 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इससे पहले हुई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में इंटरनेट के जरिए नकल के मामले सामने आए थे, जिसके बाद उक्त परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

रीट -
रीट-2021 में नेटबंदी के बावजूद नकल के मामले में सामने आए। सुबह 6 बजे से नेटबंदी के बावजूद गिरोह ने पेपर पहले ही बाहर निकाल लिया और 26 सितम्बर की तड़के 3.45 बजे मास्टर माइंड भजनलाल विश्नोई ने पेपर वाट्सऐप पर भेजा। एसओजी व दौसा पुलिस ने मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया।

एक्सपर्ट व्यू-
इंटरनेट बंद होने से नकल नहीं रुक रही, परीक्षा का तरीका बदलना होगा-
इंटरनेट बंद करने से परीक्षाओं में नकल नहीं रुक रही है। सरकारी कर्मचारी, वीक्षक खुद नकल करवाने में पकड़े जा रहे हैं। ऐसे लोगों को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। इंटरनेट बंद करने से करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित होता है। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई चौपट हो रही है। परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए हाईटेक वैज्ञानिक तकनीक तैयार करनी होगी। प्रतियोगिता परीक्षा करवाने वाली एजेंसी के पास करोड़ों की संख्या में प्रश्न बैंक होना चाहिए। परीक्षा में एक समान प्रश्नों के होने की प्रणाली को बदलना होगा। प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार करवाने चाहिए। परीक्षा के दौरान दस पन्द्रह मिनट में अभ्यर्थी को अपनी सभी दस अंगुली के बायोमैट्रिक मशीन पर निशान देने चाहिए। लैपटॉप पर लाइव वीडियो के जरिए परीक्षा पर नजर रखी जा सकती है।
पीके तिवाड़ी, सेवानिवृत्त आइपीएस

Published on:
28 Oct 2021 05:30 pm
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