केंद्र सरकार अब बाइक पर बच्चों को कैसे बिठाया जाए और कैसे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए नए नियम लेकर आई है। केंद्रीय सड़क परविहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए मसौदा नियम जारी किए हैं।
नई दिल्ली। यों तो चलती का नाम गाड़ी है और मोटर साइकिल-स्कूटर पर सवाल हिंदुस्तानी परिवारों का सड़कों पर नजर आना आम बात है। हालांकि, अभी तक जैसे कोई भी व्यक्ति अपने चुन्नू-मुन्नू यानी बच्चों को कैसे भी बाइक पर बिठाकर घुमा लाता था, अब नहीं हो पाएगा। इस संबंध में मोटर साइकिल पर बच्चों को बिठाने से जुड़े सुरक्षा प्रावधानों संबंधी नए मसौदा नियम (ड्राफ्ट) को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी किया है। मंत्रालय ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर मोटर साइकिल/बाइक पर चार साल से कम उम्र के बच्चों के सफर को लेकर इस नए नियमों के मसौदे जारी किए हैं।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इन मसौदा नियमों की जानकारी दी। गडकरी ने ट्वीट में लिखा कि मंत्रालय ने चार साल से कम उम्र के बच्चों को मोटरसाइकिल पर ले जाने को लेकर नई सुरक्षा गाइडलाइन्स जारी की हैं।
गडकरी के मुताबिक ये हैं नए मसौदा नियमः
i) बाइक चालक के साथ बच्चे को अटैच करने के लिए सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल करना
ii) बच्चों द्वारा अनिवार्य तौर पर क्रैश हेलमेट पहनना
iii) 4 साल के बच्चे को बिठाकर चलने वाली मोटर साइकिल की टॉप स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नए मसौदा नियमों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सिफारिशें की गई हैं। मसौदे में दी गई इन सिफारिशों के मुताबिक, चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोटरसाइकिल चालक के साथ अटैच करने के लिए किसी विशेष सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल जरूर किया जाएगा। इसके अलावा बाइक चालक यह भी सुनिश्चित करेगा कि उसके पीछे बैठे 9 महीने से लेकर 4 वर्ष तक की आयु का बच्चा अपना ऐसा क्रैश हेलमेट लगाए हो जो उसके सिर पर बिल्कुल फिट बैठता हो और यह हेलमेट भारतीय मानक ब्यूरो (ISI) द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार निर्मित होना चाहिए।
नए मसौदा नियम में मंत्रालय ने बड़ी सिफारिश करते हुए यह भी कहा है कि चार साल तक की आयु के बच्चे को ले जाने वाली मोटर साइकिल की टॉप स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यानी वाहन चालक जब बच्चे को बिठाए हो, तो उसे हर वक्त इन सुरक्षा उपकरणों के साथ ही अधिकतम रफ्तार की बात को भी ध्यान में रखे रहना होगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के द्वारा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 को पहले ही संशोधित किया जा चुका है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 में दूसरा प्रावधान यह है कि केंद्र सरकार नियमों द्वारा मोटर साइकिल पर सवारी करने वाले या ले जाए जा रहे चार साल से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा के उपाय उपलब्ध करा सकती है। इसी प्रावधान का सहारा लेते हुए केंद्र सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर इस नए मसौदा नियम को जारी किया है। हालांकि अभी तक यह मसौदा नियम ही है और स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।