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कांग्रेस में बदलती कार्यशैली: शीर्ष नेतृत्व तेज फैसलों से छवि बदलने में जुटा, संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी

Congress Organisation Changes: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की सक्रिय भूमिका के बीच कांग्रेस संगठन में बदलाव की प्रक्रिया तेज हुई है, कई राज्यों में नए प्रभारी और पदाधिकारियों की नियुक्ति की तैयारी चल रही है।

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भारत

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Satya Brat Tripathi

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शादाब अहमद

Jun 13, 2026

Congress plans organisational overhaul.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी। (File Photo- ANI)

Congress Reform: कांग्रेस अपने फैसले लेने में देरी और संगठनात्मक नियुक्तियों को टालने की छवि बदलने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नेतृत्व ने हाल के महीनों में यह संदेश देने का प्रयास किया है कि राजनीतिक और संगठनात्मक निर्णयों को अब लंबित रखने के बजाय समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और संगठन से जुड़े फैसलों को जिस तेजी से अमल में लाया गया, उसे कांग्रेस के भीतर नए कार्यशैली मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी अब 2027 और 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि भाजपा से मुकाबला करने के लिए सख्त फैसले सही समय पर करने ही होंगे। कई राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में देरी का नुकसान चुनावी स्तर पर उठाना पड़ा है। यही वजह है कि केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए राहुल गांधी के नजदीकी संगठन महासचिव के. सी.वेणुगोपाल की जगह वीडी सतीशन को चुना गया। वहीं, पार्टी ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलते ही संगठन में भी फेरबदल का फैसले भी कर दिए।

त्रिकोणीय नेतृत्व मॉडल

  • राहुल गांधी पार्टी के सबसे बड़े राजनीतिक चेहरे की भूमिका में हैं।
  • प्रियंका गांधी पर्दे के पीछे फीडबैक और नेताओं से संवाद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संगठन-प्रशासनिक फैसलों को अंतिम रूप देने वाले केंद्र बिंदु बने हुए हैं।

फ्रंट पर राहुल गांधी ने सक्रियता बढ़ाई

राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में अपनी सक्रियता को बढ़ाया है। उन्होंने केरल, कर्नाटक के साथ कुछ राज्यों के संगठन में बदलाव का फैसला जल्दी-जल्दी करवाया। सीबीएसई, नीट पेपर लीक मामले में स्टूडेंट्स, महंगाई के मुद्दे पर ऑटो चालकों से मिलकर आमजन की समस्याओं को उठाने की कोशिश की है। अलग-अलग राज्यों में पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं से संवाद कर जोश भरने का काम किया है।

पर्दे के पीछे प्रियंका गांधी

महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी की केरल और कर्नाटक में मुख्यमंत्री चुनने में उनकी भूमिका की खासी चर्चा है। हालांकि, वे सार्वजनिक तौर पर हर मुद्दे पर सामने नहीं आतीं, लेकिन राज्यों से आने वाली राजनीतिक रिपोर्ट, नेताओं के बीच समन्वय और संगठनात्मक समीकरणों पर उनकी नजर बनी हुई है। कई प्रदेश नेताओं के साथ उनका सीधा संवाद भी अहम माना जाता है।

60 सचिवों की रिपोर्ट कार्ड जांची जाएगी

कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी नेतृत्व ने हाल ही में एआईसीसी के करीब 60 सचिवों के कामकाज की समीक्षा की है। इसके साथ ही राज्यों में रिक्त पड़े प्रदेश प्रभारी पदों को भरने और कुछ राज्यों में प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव पर भी मंथन कर रही है। चर्चा है कि कई नए चेहरों को मौका देने और चुनावी राज्यों में संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति पर काम चल रहा है।