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गड्ढे ने फिर निगली जिंदगी, नोएडा में इंजिनियर की मौत के बाद अब तीन साल के मासूम की गई जान

ग्रेटर नोएडा में तीन वर्षीय बच्चे की तालाब में डूबने से मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हाल की अन्य घटनाओं ने भी सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।

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Feb 16, 2026
पानी से भरे गड्ढे में गिरने से तीन साल के बच्चे की मौत (फोटो- निशान्त शर्मा (भारद्वाज) एक्स पोस्ट)

ग्रेटर नोएडा से एक दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यहां पानी से भरे गड्ढे में गिरने से एक तीन साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे की मौत से नाराज गांव वालों ने जमकर हंगामा किया और प्रशासन की लापरवाही को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। पिछले कई दिनों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देती है।

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मम्मी के साथ नानी के घर गया था देवांश

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान देवांश के रूप में हुई है। घटना के समय देवांश अपनी मम्मी और बहन के साथ अपनी नानी के गांव दलेलगढ़ आया हुआ था। वह परिवार के साथ पास ही के मंदिर में चल रहे एक भंडारे में गया था। इसी दौरान देवांश खेलते-खेलते पास ही में मौजूद एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। कई देर तक जब वह नजर नहीं आया तो परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। लंबे समय तक तलाशी के बाद भी जब देवांश नहीं मिला तो परिवार ने पुलिस को मामले की सूचना दी।

कई घंटे की मशक्कत के बाद गड्ढे से निकला शव

परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें संदेह है कि देवांश खेलते-खेलते कहीं तालाब में तो नहीं गिर गया। इसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की टीम बुलाई और उनकी मदद से तालाब की खोजबीन शुरू की। कई घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे का शव तालाब से बाहर निकाला गया। देवांश का शव देख जहां उसकी मां बूरी तरह से फूट-फूटकर रोने लगी वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। पुलिस ने इस घटना को हादसा मानते हुए बच्चे के खेलेते समय फिसलकर गिरने की बात कही है।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश

इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। उनका कहना है कि दशकों से तालाब की न तो सफाई हुई और न ही उसके चारों ओर कोई मजबूत बाउंड्री बनाई गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। दनकौर पुलिस स्टेशन के प्रभारी मुनेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के पहलू को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

इन दिनों सामने आई कई घटनाएं

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में नोएडा और दिल्ली में निर्माण स्थलों से जुड़ी लापरवाही के कारण मौतें हो चुकी हैं। छह फरवरी को पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की परियोजना के तहत खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक निजी बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी की मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहां पर्याप्त बैरिकेड, सेफ्टी नेट और लाइटिंग की व्यवस्था नहीं थी। जांच में सामने आया कि सब कॉन्ट्रैक्टर को हादसे की जानकारी पहले ही मिल गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले जनवरी में सेक्टर 150 नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार जलभराव वाले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी।

Published on:
16 Feb 2026 01:30 pm
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