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कौन है AAP विधायक चैतर वसावा जिन्हें कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा, जानें क्या था अपराध

Gujarat AAP MLA Chaitar Vasava: AAP के विधायक चैतर वसावा और उनकी पत्नी शकुंतला वसावा समेत आठ लोगों को एक सेशंस कोर्ट ने सात साल की जेल की सज़ा सुनाई। यह सज़ा 2023 के एक मामले में सुनाई गई।
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Jun 23, 2026
AAP MLA chaitar vasava
AAP के विधायक चैतर वसावा

AAP MLA Chaitar Vasava Sentenced 7 Years Jail: गुजरात के राजपीपला सेशन कोर्ट ने मंगलवार को नर्मदा जिले के देदियापाड़ा क्षेत्र में वन विभाग की जमीन से जुड़े एक साल पुराने मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वासावा और उनकी पत्नी समेत कुल 8 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात साल की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा नवंबर 2023 के एक मामले में वन अधिकारियों पर हमला करने और जबरन वसूली के आरोप में सुनाई गई है। सरकारी वकील वंदना भट्ट ने बताया कि एडिशनल सेशन जज ए वी हिरपारा ने सभी दोषियों पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

9 आरोपियों की सूची

(1) चैतरभाई दामजीभाई वसावा। निवास- बोगज
(2) चैतरभाई दामजीभाई वसावा की शकुंतलाबेन वा./ निवास- बोगज
(3) बलिराम कालूसिंहभाई वसावा की शुकान्तबेन उर्फ ​​शकुन्तलाबेन। निवास- हलगाम
(4) जावेरभाई गंभीरभाई वसावा की मरियमबेन वा/ निवास- बोगज
(5) रमेशभाई गिम्बाभाई वसावा। निवास- जडोली
(6) मोगराबेन वा/रमेशभाई गिम्बाभाई वसावा के। निवास- जडोली
(7) रिंशभाई फुलसिंगभाई वसावा। निवास- बोगज
(8) जितेंद्रभाई नाथलाल वसावा। निवास- बोगज
(9) बलिराम कालूसिंहभाई वसावा। निवास- बोगज

चैतर वसावा जाएंगे हाईकोर्ट

सरकारी अभियोजक के अनुसार, इस फैसले के बाद चैतर वसावा अब एक कठोर कैदी बन गए हैं और उनके समेत सभी आरोपियों को वडोदरा केंद्रीय जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। चैतर वासावा ने न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अब वे हाई कोर्ट में अपील करेंगे। इस पूरे मामले ने गुजरात की राजनीति में गरमागरमी ला दी है और AAP और कांग्रेस के नेताओं ने भी भाजपा सरकार के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर बोला हमला

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ईडी की टीम ने गुजरात के आप के विधायक चैतर वासावा को सात साल की जेल की सजा दिलवाने की साजिश रची। इससे आदिवासी समुदाय में काफी आक्रोश है। आदिवासी समुदाय और गुजरात की जनता भाजपा को जवाब देगी।

'आदिवासियों की आवाज उठाने के लिए चैतर वासावा को झूठे मुकदमे में फंसा'

इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष येसूदन गढ़वी और विसावदर विधायक गोपाल इटालिया की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। गोपाल इटालिया ने इस पूरी घटना को भाजपा द्वारा रची गई साजिश बताया और कहा कि आदिवासियों की आवाज उठाने के लिए चैतर वासावा को झूठे मुकदमे में फंसाकर सजा दी गई है। वहीं, येसूदन गढ़वी ने कहा कि चैतरभाई ने तो सिर्फ वन विभाग के कर्मचारियों और किसान के बीच समझौता कराया था, लेकिन भाजपा ने उन्हें धमकाया, डराया और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

जानें क्या था पूरा विवाद

यह पूरा विवाद नवंबर 2023 में दर्ज एक आधिकारिक पुलिस शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, चैतर वसावा पर वन विभाग के कर्मचारियों को अपने घर पर बातचीत के लिए बुलाने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप था। उसने कर्मचारियों को हवा में गोली चलाने की धमकी भी दी और उनके आधिकारिक कार्यों में बाधा डाली। इस घटना के बाद, लंबे समय तक फरार रहने के बाद वह पुलिस के सामने पेश हुआ, जिस पर लंबी कानूनी सुनवाई के बाद आज अदालत ने यह फैसला सुनाया है। देदियापाड़ा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 147, 148, 149, 186, 189, 332, 353, 386, 294(बी), 506(2), 34 और धारा 25(1)(ए) के तहत शिकायत दर्ज की गई थी।

Updated on:
23 Jun 2026 07:00 pm
Published on:
23 Jun 2026 06:41 pm